गैरसैंण आंदोलन का 102वाँ दिन: रायपुर में तीसरी विधानसभा पर उठे सवाल, सरकार पर भूमि घोटाले का आरोप

देहरादून (हमारे संवाददाता से)। उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण की माँग को लेकर चल रहा आंदोलन आज अपने 102वें दिन में प्रवेश कर गया। पूर्व आईएएस विनोद प्रसाद रतूड़ी के नेतृत्व में अनवरत जारी इस संघर्ष के तहत आज क्रमिक अनशन पर कुलदीप अग्रवाल बैठे। इस बीच आंदोलनकारियों ने सरकार पर नई विधानसभा निर्माण को लेकर बड़ा आरोप लगाया है।

आंदोलन के प्रमुख पार्थ रतूड़ी और अनशनकारी कुलदीप अग्रवाल ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा देहरादून के रायपुर क्षेत्र में एक और नई विधानसभा विकसित किए जाने की खबरों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह जनता के पैसों की बर्बादी के साथ-साथ एक बड़े भूमि घोटाले की ओर इशारा करता है।

पार्थ रतूड़ी ने सवाल उठाते हुए कहा, “आखिर प्रदेश को कितनी विधानसभाओं की जरूरत है? क्या दो विधानसभाएँ कम थीं, कि अब तीसरी बनाने की खिचड़ी पकाई जा रही है? क्या रायपुर में किसी बड़े नेता या मंत्री की बेनामी जमीनें हैं, जिन्हें चमकाने के लिए करोड़ों रुपये फूंके जा रहे हैं?”

उन्होंने सरकार के रवैये को ‘तानाशाही’ बताते हुए कहा कि जब गैरसैंण में बैठने की बात आती है तो नेताओं को ‘साँप सूंघ जाता है’, लेकिन अपनी मर्जी से नए निर्माणों के लिए जनता के पैसे खर्च करने में कोई हिचक नहीं। आंदोलनकारियों ने सरकार से स्पष्टीकरण माँगा है कि आखिर इस निर्माण की मजबूरी क्या है और यह किसके इशारे पर हो रहा है।

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