डॉ. अजय आर्य बोले- थैलासीमिया उन्मूलन को प्रतिबद्ध स्वास्थ्य विभाग, 155 बार रक्तदाता अनिल वर्मा सहित 15 लोग “वॉरियर अवार्ड” से सम्मानित


देहरादून। निदेशक चिकित्सा शिक्षा उत्तराखंड सरकार डॉ. अजय आर्य ने कहा कि प्रदेश से थैलासीमिया निवारण के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रतिबद्ध है।

डॉ. अजय आर्य ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के सभागार में सुविख्यात संस्था वीरा फाउंडेशन द्वारा “थैलासीमिया से बचाव एवं व्यापक देखभाल” विषय पर आयोजित सेमिनार तथा “थैलासीमिया वॉरियर अवार्ड” समारोह में बतौर मुख्य अतिथि छात्र-छात्राओं, थैलासीमिया पीड़ित मरीजों व उनके अभिभावकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जहां थैलासीमिया मेजर से ग्रस्त मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग नियमित रूप से निःशुल्क रक्त संचरण तथा आयरन कीलेशन हेतु आवश्यक औषधियां उपलब्ध करा रहा है, वहीं जन जागरूकता के माध्यम से इसके पूर्ण निवारण हेतु प्रतिबद्ध रूप से प्रयत्नशील है।

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य एवं डीन डॉ. गीता जैन ने बताया कि थैलासीमिया मेजर मरीजों के लिए उत्तराखंड के चार जनपदों नैनीताल, अल्मोड़ा, देहरादून एवं हरिद्वार के डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर में समुचित व्यवस्था है। साथ ही काउंसिलिंग, कंसल्टेशन, इन्वेस्टीगेशन तथा टेस्ट के माध्यम से थैलासीमिया को रोकने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। HB A2 टेस्ट निःशुल्क कर दिया गया है। इसके साथ ही अधिक से अधिक रक्तदान शिविर आयोजित करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि रक्त संचरण पर आधारित मरीजों को समुचित मात्रा और समय पर रक्त उपलब्ध हो सके।

सेमिनार में थैलासीमिया क्या है, थैलासीमिया एवं आनुवांशिकता, रोग अवस्था व संवाहक अवस्था की जांच, CBC, HB A2, HPLC, HB इलेक्ट्रोफोरेसिस, थैलासीमिया माइनर-इंटरमीडिएट-ट्रेट, विवाह से पूर्व तथा गर्भावस्था में जांच, थैलासीमिया मेजर की पहचान, कानून सम्मत गर्भपात सुविधा, मरीजों के लिए सरकारी योजनाएं, आजीवन नियमित रक्त संचरण, रक्त मज्जा प्रत्यारोपण, स्टेम सेल प्रत्यारोपण व जीन थेरेपी, आयरन कीलेशन थेरेपी, एनीमिया एवं उपचार तथा रक्तदान-जीवन दान अभियान जैसे विषयों पर एक्सपर्ट्स ने विचार व्यक्त किए। प्रश्न-उत्तर के माध्यम से विद्यार्थियों, मरीजों व अभिभावकों की शंकाओं का समाधान भी किया गया।

कार्यक्रम में थैलासीमिया निवारण, रक्तदान एवं जनजागरूकता में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्नल (डॉ.) जसजीत सिंह, प्रोफेसर डॉ. तबस्सुम नकवी, डॉ. रतन मणि, डॉ. ए एस उनियाल, एडवोकेट अंजना साहनी, डॉ. शशि उप्रेती, डॉ. संजय उप्रेती, डॉ. तन्वी खन्ना, रक्तदाता शिरोमणि डॉ. अनिल वर्मा, डॉ. संगीता रावत, मेघा बंसल, तपन कौशिक, डॉ. अंजुम अग्रवाल, पुनीत कौड़ा, डॉ. शिव मोहन शुक्ला, डॉ. स्वाति रास बिहारी बोस, पुष्पधर, श्रीमती आस्था कौशिक, डॉ. ज्योति जुयाल पंत को वीरा फाउंडेशन “थैलासीमिया वॉरियर सम्मान” से नवाजा गया। 155 बार रक्तदान करने वाले डॉ. अनिल वर्मा को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम संयोजक एवं वीरा फाउंडेशन के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर विनोद डोभाल ने संस्था की कार्यप्रणाली और उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर वीरा फाउंडेशन की संस्थापक सदस्य सारिका भट्ट, जिला समन्वयक आकाश ध्यानी, बोर्ड एडवाइजर देवेंद्र बुड़ाकोटी सहित बड़ी संख्या में थैलासीमिया मरीज, अभिभावक और हिल यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनिल वर्मा और निरंजन कौर ने किया।

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