घटनास्थल का निरीक्षण, अपराधियों की त्वरित गिरफ्तारी के निर्देश; सीओ को “मैदान में रहो”—लापरवाही पर जवाबदेही तय
देहरादून। डालनवाला थाना क्षेत्र में घटित गोलीकांड की गंभीर घटना को लेकर पुलिस महकमे में उच्च स्तर पर हलचल तेज हो गई है। बुधवार, 11 फरवरी 2026 को पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और मौके का विस्तृत निरीक्षण कर वहां की परिस्थितियों, उपलब्ध भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्यों तथा अब तक की गई पुलिस कार्रवाई की गहन समीक्षा की।
निरीक्षण के बाद आईजी गढ़वाल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून को स्पष्ट निर्देश दिए कि घटना में शामिल आरोपियों की शीघ्र पहचान सुनिश्चित की जाए, इसके लिए विशेष टीमों का गठन हो और गिरफ्तारी के लिए तकनीकी/सर्विलांस संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाए। आईजी ने दो टूक कहा कि अपराधियों को अतिशीघ्र गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस रणनीति के साथ काम किया जाए।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए परिक्षेत्रीय कार्यालय में देहरादून जनपद के समस्त क्षेत्राधिकारियों (सीओ) के साथ एक गोष्ठी/बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में हाल के दिनों में सामने आई आपराधिक घटनाओं की समीक्षा करते हुए आईजी ने कानून-व्यवस्था को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।


आईजी ने कहा कि क्षेत्राधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करें और पुलिस बल की सक्रिय उपस्थिति हर हाल में दिखे। अधीनस्थ थाना/चौकी प्रभारियों को नियमित ब्रीफिंग देकर कानून-व्यवस्था के प्रति सतर्क रखा जाए। साथ ही जिन विवादित मामलों से शांति भंग होने की आशंका हो, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए सीओ अपने निकट पर्यवेक्षण में त्वरित निस्तारण कराएं।
अपराध नियंत्रण को धार देने के लिए रूटीन चेकिंग के साथ-साथ आकस्मिक (रैंडम) चेकिंग बढ़ाने, संदिग्धों पर नियमित कार्रवाई, तथा आपसी रंजिश, भूमि विवाद और अन्य संवेदनशील मामलों में समय रहते निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
सोशल मीडिया के जरिए सामने आने वाले मामलों पर आईजी का रुख और स्पष्ट रहा—विलंब नहीं, तत्काल संज्ञान। उन्होंने सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को सुदृढ़ करने, अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखने तथा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई तुरंत करने को कहा। इसके अलावा सीओ को समय-समय पर बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करने और विद्यालयों/शिक्षण संस्थानों में जन-जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए सुरक्षा एवं साइबर अपराध संबंधी जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए।

सबसे अहम संदेश यह रहा कि यदि किसी क्षेत्र में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति होती है, तो केवल थानाध्यक्ष या चौकी प्रभारी ही नहीं, बल्कि संबंधित क्षेत्राधिकारी की जवाबदेही भी तय की जाएगी। आईजी ने सभी अधिकारियों को कानून-व्यवस्था मजबूत रखने, आमजन में सुरक्षा का भरोसा कायम करने और अपराधियों के विरुद्ध कठोर व त्वरित कार्रवाई के लिए पूर्ण सतर्कता एवं प्रतिबद्धता के साथ काम करने को कहा।
यह स्पष्ट है कि डालनवाला गोलीकांड के बाद आईजी गढ़वाल का संदेश अब सिर्फ “कार्रवाई” तक सीमित नहीं, बल्कि जवाबदेही तय कर परिणाम दिखाने की दिशा में आगे बढ़ता दिख रहा है।

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