देहरादून: सीएम धामी से मिला जन संघर्ष मोर्चा, व्यावसायिक प्रशिक्षकों और आउटसोर्सिंग कर्मियों को न्याय दिलाने की मांग

देहरादून। जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर राज्य के 200 विद्यालयों एवं 28 स्पोक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम शुरू करने तथा प्रदेश भर के सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत कर्मियों के हो रहे शोषण को बंद करने को लेकर ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री श्री धामी ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।

नेगी ने कहा कि व्यावसायिक कार्यक्रम स्थगित होने और अनुबंध तिथि न बढ़ाए जाने की वजह से 296 व्यावसायिक प्रशिक्षकों एवं लगभग 25 से 30 हजार छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। कार्यक्रम की अनुबंध तिथि 31 मार्च 2026 को समाप्त हो गई, और आज लगभग पांच महीने बीत चुके हैं, लेकिन इन बेरोजगार प्रशिक्षकों एवं छात्रों के दुख-दर्द की कोई सुध नहीं ली जा रही है।

इसके अलावा, नेगी ने कहा कि प्रदेश भर के सरकारी विभागों एवं निगमों में प्राइवेट आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को एजेंसियों द्वारा पे-स्लिप नहीं दी जाती, जिससे कर्मियों का शोषण हो रहा है। कर्मचारियों को यह भी नहीं पता कि सरकार उन्हें कितना वेतन देती है और वेतन के मानक क्या हैं।

नेगी ने आरोप लगाया कि एजेंसियों द्वारा कर्मचारियों से ईपीएफ (EPF) और कमीशन के नाम पर कटौती की जा रही है, लेकिन कर्मियों को यह नहीं पता कि उनका ईपीएफ कट भी रहा है या नहीं। यहां तक कि कर्मचारियों को खुद अपना ईपीएफ नंबर भी मालूम नहीं है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने नेगी के ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मामले में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

Static 1 Static 1
ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments