साल की अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत सफल, विचाराधीन और प्री-लिटिगेशन स्तर के मामलों में पक्षकारों को मिला त्वरित न्याय। जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रेम सिंह खिमाल के नेतृत्व में मिली बड़ी उपलब्धि।
देहरादून। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के तत्वावधान में आज साल की अंतिम सफल राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय देहरादून सहित बाह्य न्यायालय ऋषिकेश, विकासनगर, डोईवाला, मसूरी और चकराता के न्यायालयों में आयोजित इस लोक अदालत में न्याय के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया गया।
जिला देहरादून द्वारा एक ही दिन में कुल 17,177 वादों का प्रभावी निस्तारण किया गया, जिसके परिणामस्वरूप पक्षकारों के मध्य 21,75,49,988 रुपये (इक्कीस करोड़, पिचहत्तर लाख, उन्चास हजार, नौ सौ अठासी रुपये) की भारी-भरकम धनराशि पर समझौता हुआ।
राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायिक प्रक्रियाओं के विभिन्न स्तरों पर मामलों का निस्तारण किया गया। इस दौरान, विचाराधीन मामलों (Pending Cases) के अंतर्गत 10,188 वादों का सफल निस्तारण किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 18,03,82,734 रुपये की धनराशि पर पक्षकारों के मध्य समझौता हुआ। वहीं, प्री-लिटिगेशन मामले (बैंक/विभाग) स्तर पर 6,991 वादों का निस्तारण किया गया और इनमें 3,71,67,254 रुपये की धनराशि पर समझौता संपन्न हुआ। इस प्रकार, कुल मिलाकर 17,177 वादों का निस्तारण हुआ और पक्षकारों के मध्य समझौते की कुल धनराशि 21,75,49,988 रुपये रही।

जिला मुख्यालय देहरादून में फौजदारी के शमनीय प्रकृति के 511 मामले, बैंक संबंधी 507 मामले, धन वसूली संबंधी 26 मामले, मोटर-दुर्घटना क्लेम ट्राइब्यूनल के 57 मामले, पारिवारिक विवाद संबंधी 59 मामले, श्रम संबंधी 03 मामले और मोटर वाहन अधिनियम के शमनीय अपराधों के 8,950 मामलों सहित कुल 7,261 मामलों का निस्तारण किया गया। मुख्यालय में 11,45,46,040 रुपये की धनराशि पर समझौता हुआ। स्थाई लोक अदालत में भी 25 मामलों का निस्तारण किया गया।
बाह्य न्यायालयों का प्रदर्शन (समझौते की राशि):
* विकासनगर: 1,242 मामलों का निस्तारण, ₹1,21,09,000/- का समझौता।
* ऋषिकेश: 1,377 मामलों का निस्तारण, ₹2,73,66,571/- का समझौता।
* डोईवाला: 241 मामलों का निस्तारण, ₹2,43,28,663/- का समझौता।
* मसूरी: 52 मामलों का निस्तारण, ₹9,15,917/- का समझौता।
* चकराता: 13 मामलों का निस्तारण, ₹11,16,543/- का समझौता।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने इस सफलता का श्रेय जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रेम सिंह खिमाल के कुशल एवं प्रेरणादायी नेतृत्व तथा समस्त न्यायिक अधिकारियों की निष्ठा और कार्यकुशलता को दिया। उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शन से न केवल कार्यों की गति तेज हुई, बल्कि लोक अदालत में पक्षकारों को सुलह और न्याय का सहज वातावरण भी मिला, जिससे जनता का विश्वास और भी दृढ़ हुआ है।

सीमा डुंगराकोटी ने बताया कि लोक अदालतें आमजन को सरल, सुलभ एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम हैं। लोक अदालतों में पारित किए गए निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होते हैं तथा प्रकरणों के निस्तारण के बाद पक्षकारों को उनके द्वारा जमा किया गया न्याय शुल्क भी वापस कर दिया जाता है।
इससे पहले, 13 सितंबर 2025 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में भी जिला देहरादून का उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा था, जिसमें लगभग 21 हजार वादों का सफल निस्तारण किया गया था, जिससे जिले की पेंडेंसी (विचाराधीन मामलों की संख्या) एक लाख से नीचे पहुँच गई थी।

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