देहरादून पुलिस का ‘ऑपरेशन प्रहार’: अपराधियों और हुड़दंगियों के विरुद्ध दून पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक, एक ही रात में सैकड़ों पर गिरी गाज

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने की दिशा में देहरादून पुलिस ने शनिवार की रात एक व्यापक और कठोर अभियान चलाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून के नेतृत्व में जनपद के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में “ऑपरेशन प्रहार” और “ऑपरेशन नाइट स्ट्राइक” के तहत एक साथ कार्रवाई की गई। इस वृहद चेकिंग अभियान का मुख्य उद्देश्य अपराधियों में भय पैदा करना और सार्वजनिक स्थानों पर शांति व्यवस्था को सुदृढ़ करना था। अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देर रात सड़कों पर सघन तलाशी ली गई और संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए गए लोगों के विरुद्ध तत्काल वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की गई।

अभियान के दौरान पुलिस की पैनी नजर उन असामाजिक तत्वों पर रही जो देर रात सार्वजनिक स्थानों पर शांति व्यवस्था को भंग करने का प्रयास कर रहे थे। चेकिंग के दौरान पुलिस ने जनपद के अलग-अलग क्षेत्रों से 700 से अधिक लोगों को रोककर उनसे पूछताछ की। इनमें से 96 व्यक्तियों के विरुद्ध पुलिस अधिनियम की धारा 81 के तहत चालान किए गए और मौके पर ही 24,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया। वहीं, गंभीर संदिग्ध पाए गए 04 व्यक्तियों को 172 बीएनएसएस के तहत हिरासत में लिया गया। पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर अशांति फैलाने वाले 03 उपद्रवियों और चोरी की नियत से अवैध हथियार (खुखरी) लेकर घूम रहे एक शातिर अभियुक्त को 170 बीएनएसएस के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की।

नशे के काले कारोबार और सड़क पर असुरक्षा पैदा करने वालों के खिलाफ भी पुलिस का कड़ा रुख देखने को मिला। “कार-बार” संस्कृति और शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर प्रहार करते हुए पुलिस ने 16 चालकों को गिरफ्तार किया और उनके वाहनों को तुरंत सीज कर दिया। अवैध शराब की तस्करी में संलिप्त तीन तस्करों, जिनमें रायवाला से आशीष बिष्ट, रायपुर से गुडिया उर्फ बड़की और ऋषिकेश से बाली पाल शामिल हैं, को भारी मात्रा में अंग्रेजी और देसी शराब के साथ दबोचा गया। इसके साथ ही, यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 140 वाहन चालकों पर एमवी एक्ट के तहत 73,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि 24 चालकों के कोर्ट चालान कर कुल 46 वाहनों को सीज किया गया।

विशेष रूप से “ऑपरेशन नाइट स्ट्राइक” के तहत पुलिस ने उन होटलों, पबों और बारों पर शिकंजा कसा जो निर्धारित समयावधि के बाद भी संचालित हो रहे थे। इस अभियान के लिए नगर क्षेत्र के समस्त पुलिस बल को घंटाघर पर एकत्रित कर उच्चाधिकारियों द्वारा विशेष ब्रीफिंग दी गई थी। इसके अलावा, सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले पीजी और हॉस्टल स्वामियों पर भी बड़ी कार्रवाई हुई। किरायेदारों और बाहरी छात्रों का पुलिस सत्यापन न कराने वाले 22 प्रतिष्ठान स्वामियों पर पुलिस एक्ट के तहत 2 लाख 20 हजार रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया। पुलिस की इस चौतरफा कार्रवाई से अपराधियों और नियम तोड़ने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।

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