देहरादून। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी जीरो टॉलरेंस की मुहिम के तहत सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। राजधानी के पथरी बाग स्थित बिजली घर में तैनात अवर अभियंता (जेई) अतुल कुमार को विजिलेंस की टीम ने बुधवार को एक उपभोक्ता से 80,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपी अधिकारी एक नए विद्युत कनेक्शन और लोड बढ़ाने की फाइल आगे बढ़ाने के एवज में इस मोटी रकम की मांग कर रहा था।
मामले के अनुसार, एक स्थानीय निवासी ने अपनी पत्नी के नाम खरीदे गए फ्लैट में बिजली कनेक्शन और क्षमता विस्तार के लिए आवेदन किया था। नियमानुसार सभी दस्तावेज सही होने के बावजूद, 33/11 केवी बिजली घर में तैनात जेई अतुल कुमार ने काम के बदले अवैध धन की मांग शुरू कर दी। बार-बार दफ्तर के चक्कर कटवाने के बाद जेई ने 80 हजार रुपये मिलने पर ही फाइल स्वीकृत करने की शर्त रखी। भ्रष्टाचार के आगे झुकने के बजाय पीड़ित ने इसकी सूचना विजिलेंस मुख्यालय में दी।
शिकायत की गोपनीय जांच में पुष्टि होने के बाद, विजिलेंस ने जाल बिछाया। बुधवार को जैसे ही योजना के मुताबिक शिकायतकर्ता ने रिश्वत की राशि जेई को थमाई, पहले से घेराबंदी कर चुकी विजिलेंस की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया। टीम ने मौके से रिश्वत की नकदी बरामद कर ली है और आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है।
विजिलेंस के आला अधिकारियों का कहना है कि यह जांच केवल एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। अब इस बात की पड़ताल की जा रही है कि क्या इस वसूली के पीछे विभाग के अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल थे। विजिलेंस ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी सेवक जायज काम के लिए रिश्वत की मांग करता है, तो बिना डरे टोल-फ्री नंबर पर इसकी शिकायत दर्ज कराएं ताकि व्यवस्था को स्वच्छ बनाया जा सके।

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