देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री धीरेंद्र प्रताप ने शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से अब तक सम्मानित न किए जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण और शहीदों के साथ अन्याय करार दिया।
शहीद भगत सिंह ब्रिगेड द्वारा आयोजित दीपमाला समारोह को संबोधित करते हुए धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्य की बात है कि जिन वीरों ने देश की आजादी के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया, उन्हें आज तक भारत रत्न से नवाजा नहीं गया। उन्होंने कहा, “भारत यदि आजाद हुआ है, तो उसके लिए शहीद भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे नायकों का सम्मान अत्यंत आवश्यक है। उनके व्यक्तित्व से आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा मिलती है।”

शहीदी दिवस के 95वें समारोह में बोलते हुए उन्होंने केंद्र सरकार से इस दिशा में तत्काल कदम उठाने की मांग की। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि जिस असेंबली में भगत सिंह और उनके साथियों ने ऐतिहासिक बम फेंका था, उसी भवन में 95 वर्षों के बाद उनकी प्रतिमा स्थापित की जा रही है। यह कार्य वर्षों पहले हो जाना चाहिए था।
शहीदों की याद में आयोजित इस कार्यक्रम में धीरेंद्र प्रताप ने भगत सिंह के बलिदान को बेमिसाल बताते हुए कहा कि मात्र 23 वर्ष की आयु में देश के लिए अपनी कुर्बानी देने वाले इस महानायक को जितना भी सम्मान दिया जाए, कम है।
इस अवसर पर शहीद भगत सिंह ब्रिगेड के अध्यक्ष यशवंत सिंह, उत्तराखंड युवा मंच के अध्यक्ष सोमपाल सिंह नेगी, महिला शाखा की अध्यक्ष सावित्री गुजराल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।


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