देवउठनी एकादशी: इस दिशा में दीप जलाने से खुलेंगे सौभाग्य के द्वार

देवउठनी एकादशी हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण तिथि है। यह वह दिन है जब सृष्टि के पालक भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं, और इसी के साथ सभी शुभ एवं मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है। प्रकाश के पर्व दीपावली के बाद आने वाली यह एकादशी, स्वयं में प्रकाश और समृद्धि को आमंत्रित करने का महायोग लेकर आती है। इस दिन, विशेष रूप से संध्याकाल में, सही स्थानों पर दीपक जलाना मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त करने का सबसे सरल और प्रभावशाली उपाय माना जाता है।

देवउठनी एकादशी पर दीपक के 5 अचूक उपाय
दीपक को ज्ञान, ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। देवउठनी एकादशी की शाम, इन 5 स्थानों पर शुद्ध गाय के घी का दीपक जलाना आपके जीवन में धन और सुख-शांति लाएगा:

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तुलसी के पौधे के पास
तुलसी को हरिप्रिया और मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। तुलसी विवाह भी इसी पर्व पर किया जाता है। देवउठनी एकादशी की शाम को, तुलसी के पौधे के पास घी के 5 दीपक जलाएं। दीपक जलाते समय तुलसी माता से अपने वैवाहिक जीवन में सुख और घर में समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना करें। यह उपाय सीधे मां लक्ष्मी की कृपा दिलाता है, जिससे घर में धन-धान्य की कमी नहीं होती और दांपत्य जीवन में मधुरता आती है।

घर के मुख्य द्वार पर
मुख्य द्वार घर की दहलीज होती है, जहां से ऊर्जा और लक्ष्मी का प्रवेश होता है। एकादशी की रात को घर के मुख्य प्रवेश द्वार के दोनों ओर गाय के घी के दो दीपक जलाएं। ध्यान रहे, दीपक की लौ बाहर की ओर होनी चाहिए, ताकि यह शुभ ऊर्जा को आमंत्रित करे। यह उपाय घर में सकारात्मक ऊर्जा का निर्बाध प्रवाह सुनिश्चित करता है, नकारात्मक शक्तियों को दूर भगाता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।

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पीपल के पेड़ के नीचे
पीपल के पेड़ में भगवान विष्णु का वास माना जाता है। इस दिन यहां दीपक जलाना सभी प्रकार के पापों और कष्टों को दूर करता है। एकादशी की रात, यदि संभव हो तो पीपल के पेड़ के नीचे एक दीपक जलाएं और श्रद्धापूर्वक सात बार परिक्रमा करें। यह उपाय विशेष रूप से कर्ज से मुक्ति दिलाने और अचानक धन लाभ के योग बनाने में अत्यंत प्रभावी माना गया है।

रसोई घर में
रसोई को माता अन्नपूर्णा का पवित्र स्थान माना जाता है, जो घर में अन्न और स्वास्थ्य की देवी हैं। देवउठनी एकादशी की रात को रसोई घर में भी एक दीपक अवश्य जलाएं। इसे ऐसी जगह रखें जहां से इसकी रोशनी पूरे रसोई में फैले। यह उपाय सुनिश्चित करता है कि आपके घर में अन्न का भंडार सदैव भरा रहे, भोजन में बरकत हो, और परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य उत्तम बना रहे।

पूजा घर में भगवान विष्णु के सामने
पूजा घर वह स्थान है जहां से दैवीय ऊर्जा का संचार होता है। एकादशी का दिन श्री हरि विष्णु को समर्पित है। पूजा घर में भगवान विष्णु या शालिग्राम जी की प्रतिमा/तस्वीर के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं। दीपक जलाते समय ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।

डिसक्लेमर :-
इस लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सटीकता या विश्वसनीयता की गांरंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संकलित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

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