देहरादून। महानिदेशक (DG) सूचना बंशीधर तिवारी ने हाल ही में आयोजित बैठक में जिला सूचना अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सरकारी जन-कल्याणकारी कार्यक्रमों और योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुँचाने के लिए प्रभावी संचार रणनीति बनाकर पेशेवर दक्षता के साथ काम किया जाए। उन्होंने दोहरी जिम्मेदारी तय करते हुए अधिकारियों को मीडिया से बेहतर समन्वय स्थापित करने और पत्रकारों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। तिवारी ने घोषणा की कि राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए सभी अधिकारी और कर्मचारी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि सूचनाएँ स्पष्ट, सटीक और समय पर जनता तक पहुँच सकें।
तिवारी ने संचार के बदलते दौर को रेखांकित करते हुए सोशल मीडिया के व्यापक उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी कार्यक्रमों और उपलब्धियों की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक व्यापक स्तर पर पहुँचाई जाए। इसके लिए सरकारी योजनाओं से जुड़ी सक्सेस स्टोरीज और रोचक लेखों का नियमित प्रकाशन सुनिश्चित किया जाए। हालांकि, उन्होंने गुणवत्ता नियंत्रण पर सख्ती बरतते हुए कहा कि विभागीय सोशल मीडिया पेजों पर प्रकाशित की जाने वाली सामग्री पूर्णतः तथ्यात्मक, संतुलित और सकारात्मक होनी चाहिए, और किसी भी अपुष्ट जानकारी के प्रसारण से पूरी तरह बचा जाना चाहिए—यह आज के दौर की सबसे बड़ी चुनौती है।

महानिदेशक ने जिला सूचना कार्यालयों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और जिला स्तर पर मीडिया से समन्वय को और अधिक मजबूत करने का निर्देश दिया। उन्होंने सूचना अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि सभी सरकारी कार्यक्रमों और जनहितकारी गतिविधियों की समयबद्ध कवरेज हो और वे स्थानीय स्तर पर एक सकारात्मक संचार वातावरण तैयार करने में सक्रिय भूमिका निभाएँ। इसके अतिरिक्त, विभाग को आधुनिक बनाने की दिशा में उन्होंने आपदा सहित अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं की कवरेज व्यवस्थाओं के संबंध में एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रेस सेवा पोर्टल एवं फिल्म शूटिंग की अनुमति के लिए सिंगल विंडो सिस्टम से संबंधित कार्यों को भी समयबद्ध ढंग से संपादित करने पर जोर दिया।
बैठक के दौरान तिवारी ने विभाग को सशक्त बनाने के लिए उठाए जा रहे ठोस प्रयासों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभागीय कार्यों की दक्षता बढ़ाने हेतु आवश्यक सुविधाओं से लैस करने के लिए विभागीय पुनर्गठन का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है, और खाली पदों को भरने के लिए भी अधियाचन भेजा गया है। उन्होंने जिला सूचना कार्यालयों के कार्यों की प्रगति एवं व्यावहारिक समस्याओं की जानकारी लेते हुए आश्वस्त किया कि शासकीय कार्यों के संपादन के लिए बजट की कमी नहीं होने दी जाएगी।
अंत में, उन्होंने कार्यालयों के भविष्य के विस्तार के लिए जिला सूचना कार्यालयों के भवन निर्माण हेतु भूमि तलाश करने के भी आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त निदेशक के.एस. चौहान, डॉ. नितिन उपाध्याय, वरिष्ठ वित्त अधिकारी शशि सिंह, उप निदेशक रवि बिजारनियां, मनोज श्रीवास्तव, सहित अन्य जिला सूचना अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

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