भारत में वोकेशनल वर्कफोर्स हेतु डिज़ाइन और मेक स्किल्स को बढ़ावा देने के लिए डीजीटी-ऑटोडेस्क ने की साझेदारी

देहरादून। कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) ने आज ऑटोडेस्क के साथ एक औपचारिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी का उद्देश्य देशभर के राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (एनएसटीआई) और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के शिक्षकों एवं प्रशिक्षकों में डिजिटल डिज़ाइन एवं मेक स्किल्स को बढ़ावा देना है। इस पहल के माध्यम से प्रशिक्षकों और शिक्षकों की डिजिटल क्षमता को सशक्त किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों में रोजगार से जुड़ी क्षमताओं का विकास हो सकेगा और भारत की कार्यशक्ति को आर्किटेक्चर, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन जैसे क्षेत्रों की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा। यह समझौता ज्ञापन आज आयोजित एक समारोह के दौरान संपन्न हुआ, जिसमें देवश्री मुखर्जी, (सचिव, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय); सुनील कुमार गुप्ता, (डिप्टी डायरेक्टर, प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी)) तथा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। ऑटोडेस्क की ओर से इस अवसर पर एंड्रयू एनाग्नॉस्ट, (प्रेसिडेंट एंड सीईओ); स्टीव ब्लम, (एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट एवं चीफ़ ऑपरेटिंग ऑफिसर); हरेश खूबचंदानी, (वीपी, एपीएसी एंड जापान) और कमोलिका गुप्ता पेरेस, (वाइस प्रेसिडेंट, इंडिया एंड सार्क) उपस्थित रहीं।
ऑटोडेस्क की “स्टेट ऑफ डिज़ाइन एंड मेक रिपोर्ट 2025” के अनुसार, भारत में सर्वेक्षित 52 प्रतिशत संगठनों ने कहा है कि एआई से जुड़ी स्किल्स भविष्य में उनकी भर्ती की सर्वाेच्च प्राथमिकता होगी। आने वाले तीन वर्षों में, यह साझेदारी एआई, इन्डस्ट्री इनोवेशन और उभरते करियर अवसरों के क्षेत्र में हो रहे तेज़ बदलावों के अनुरूप कौशल विकास को जोड़ेगी। इसके तहत ऑटोडेस्क की ग्लोबल “डिज़ाइन एंड मेक” विशेषज्ञता को प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटीज्) की व्यावसायिक शिक्षा में राष्ट्रीय नेतृत्व क्षमता के साथ जोड़ा जाएगा।
इस साझेदारी पर बोलते हुए ऑटोडेस्क के प्रेसिडेंट एंड सीईओ एंड्रयू एनाग्नॉस्ट ने कहा, “ऑटोडेस्क को भारत के उस विज़न का हिस्सा बनने पर गर्व है, जिसमें देश को कुशल प्रतिभा के ग्लोबल लीडर के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य है। हमारी यह साझेदारी शिक्षकों और विद्यार्थियों को एडवांस्ड डिजिटल टूल्स और उद्योग से जुड़े व्यावहारिक शिक्षण अनुभवों से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, ताकि वे तेजी से बदलती दुनिया में सफल हो सकें।
इस अवसर पर देवश्री मुखर्जी, (आईएएस, सचिव, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय भारत सरकार) ने कहा, “ऑटोडेस्क के साथ यह साझेदारी एनएसटीआई और आईटीआई के प्रशिक्षकों की क्षमता को अत्यधिक बढ़ाएगी, क्योंकि इसके माध्यम से एडवांस्ड डिज़ाइन तकनीकों को व्यावसायिक शिक्षा में शामिल किया जा सकेगा।

ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments