देहरादून। प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने स्नातक स्तरीय परीक्षा निरस्त किए जाने के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के फैसले को कांग्रेस और बेरोजगार युवाओं के दबाव की सीधी जीत बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि धामी सरकार ने हथियार डाल दिए हैं और उनकी पारदर्शिता का मुखौटा उतर गया है।
दसौनी ने कहा, “जिस सरकार ने युवाओं को लाठियां खिलाईं, आज वही सरकार बैकफुट पर आ गई है। मुख्यमंत्री का फैसला हमारी मांगों का ही नतीजा है।” उन्होंने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री आवास के घेराव के दौरान कांग्रेस ने सीबीआई जांच, परीक्षा रद्दीकरण और आयोग के अध्यक्ष के तत्काल बर्खास्तगी की मांग की थी।
मुख्यमंत्री द्वारा पांच विधायकों के साथ हुई बैठक को दसौनी ने ‘राजनीतिक नाटक’ करार दिया। उन्होंने कहा, “यह निर्णय सरकार की संवेदनशीलता नहीं, बल्कि विपक्ष और युवाओं के प्रचंड दबाव का फल है।”
गरिमा दसौनी ने मुख्यमंत्री द्वारा पेपर लीक को ‘नकल जिहाद’ कहे जाने को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने मांग की कि सरकार अब सभी दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करे, सीबीआई रिपोर्ट सार्वजनिक करे और भर्ती प्रणाली को पारदर्शी बनाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस युवाओं की आवाज बनकर इस लड़ाई को निष्पक्ष जांच और दोषियों की सजा तक जारी रखेगी।

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