

शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर धामी ने दी श्रद्धांजलि, उत्तराखंड के 75 वीरों को किया नमन
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को गांधी पार्क स्थित शहीद स्मारक पर कारगिल विजय दिवस के अवसर पर पुष्पचक्र अर्पित कर कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने शहीदों के परिजनों को सम्मानित भी किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि परमवीर चक्र से सम्मानित वीरों के लिए दी जाने वाली अनुग्रह राशि डेढ़ करोड़ से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये की जाएगी।
धामी ने कहा कि कारगिल विजय भारतीय सेना के अदम्य साहस और पराक्रम का प्रतीक है। 18 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर विषम परिस्थितियों में हमारे सैनिकों ने अद्वितीय वीरता दिखाकर दुश्मन को परास्त किया। कारगिल युद्ध में देश के 527 सैनिक शहीद हुए, जिनमें उत्तराखंड के 75 वीर सपूत शामिल हैं। उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं वीरभूमि भी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सुरक्षा नीति अधिक सशक्त हुई है। वन रैंक वन पेंशन, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक जैसे निर्णयों से सैनिकों और उनके परिवारों का सम्मान बढ़ा है।

राज्य सरकार द्वारा शहीदों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है। वीरता पुरस्कार विजेताओं की एकमुश्त और वार्षिक सहायता राशि में भी वृद्धि की गई है। बलिदानी परिवारों के एक सदस्य को सरकारी सेवा में समायोजन, आवेदन की समय सीमा 2 से 5 वर्ष करना, शहीद परिवारों की बेटियों के विवाह हेतु सहायता, वीरता पुरस्कार विजेताओं को रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा और सैनिकों को संपत्ति खरीद पर स्टाम्प शुल्क में छूट जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि देहरादून के गुनियाल गांव में राज्य का पांचवां धाम सैन्य धाम अंतिम चरण में है। यह शहीदों की पवित्र मिट्टी से बना है और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगा। अग्निवीरों के भविष्य के लिए देश का पहला अग्निवीर रोजगार सेल गठित किया जा रहा है। उत्तराखंड पुलिस, वन विभाग और अन्य सेवाओं में उन्हें प्राथमिकता, कौशल प्रशिक्षण और स्वरोजगार में मदद दी जाएगी।

कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, दायित्वधारी सुभाष बड़थ्वाल, सचिव सैनिक कल्याण युगल किशोर पंत, मेजर जनरल सम्मी सबरवाल सेवानिवृत्त, जिलाधिकारी आशीष चौहान, एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल सहित पूर्व सैनिक और शहीद परिजन मौजूद रहे।

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