“पेंशन बंद, वरिष्ठ दिव्यांग कर्मचारी आक्रोश में; राहुल से संसद में उठाने का वादा”
“देहरादून समेत देशभर के 9 संस्थानों के पेंशनधारियों पर गाज, कांग्रेस ने दिया पूर्ण समर्थन का आश्वासन”
देहरादून। राजपुर स्थित राष्ट्रीय दृष्टि बाधितजन सशक्तिकरण संस्थान (एनआईवीएच) के गेट पर आज सैकड़ों पेंशनभोगी और वर्तमान कर्मचारियों का जमावड़ा था। उनका आक्रोश केंद्र सरकार के अधीन चल रहे इस स्वायत्त संस्थान के उस ‘क्रूर’ फैसले को लेकर था, जिसके तहत 1 जनवरी 2026 से सभी पेंशन भुगतान बंद कर दिए जाएंगे। इस धरने में उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने शामिल होकर न केवल पार्टी का पूर्ण समर्थन दिखाया, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक वादा भी किया।
श्री धस्माना ने घोषणा की कि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी से अनुरोध किया जाएगा कि वे इस मुद्दे को संसद में जोर-शोर से उठाएं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कल ही राहुल गांधी को विस्तृत पत्र भेजकर पूरे मामले से अवगत कराया जाएगा।
श्री धस्माना ने धरना स्थल पर कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा, “यह अत्यंत दुःख और अफसोस का विषय है कि दशकों से पेंशन पा रहे वरिष्ठ कर्मचारियों, जो जीवन के अंतिम पड़ाव में हैं, के साथ ऐसा कर्मचारी-विरोधी फैसला लिया गया है। यह उनका सीधा मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न है।”
उन्होंने इस फैसले के लिए सीधे केंद्र की मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, “यह सरकार कर्मचारी, किसान, युवा, बेरोजगार और छात्र-विरोधी है। इसने गरीब और मध्यम वर्ग के खिलाफ हर फैसला लिया है। आज धार्मिक शोषण के साथ-साथ, सनातन धर्म और हिंदुत्व के नाम पर सनातनियों समेत सभी वर्गों के खिलाफ जन-विरोधी निर्णय ले रही है।”

बताया गया है कि यह मुद्दा सिर्फ देहरादून का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD) देहरादून और देश के आठ अन्य ऐसे ही संस्थानों के पेंशनभोगियों से जुड़ा है। संस्थान के इस फैसले ने उन सभी की रोजी-रोटी को अनिश्चितता के गर्त में धकेल दिया है।
धरने को कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जगदीश कुकरेती, उपाध्यक्ष हरीश पंवार, हिमांशु थापा, एस.सी. बिनजोला और जगदीश लखेड़ा ने भी संबोधित किया। उन्होंने सरकार और संस्थान प्रशासन से इस अन्यायपूर्ण निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की।
धरना स्थल पर सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और बुजुर्ग पेंशनधारी मौजूद रहे, जिनके चेहरे पर मायूसी और आक्रोश साफ झलक रहा था। वर्तमान कर्मचारियों ने भी अपने वरिष्ठ साथियों के समर्थन में धरने में हिस्सा लिया।
श्री धस्माना ने अपने संबोधन के अंत में कर्मचारियों को आश्वासन दिया, “राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान के कर्मचारियों के इस न्यायसंगत संघर्ष पर कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर हमेशा आपके साथ खड़ी है और आगे भी खड़ी रहेगी। हम इस मुद्दे को हर मंच पर उठाते रहेंगे।”
अब सभी की निगाहें संसद के आगामी सत्र पर टिकी हैं, जहाँ नेता विपक्ष राहुल गांधी से इस मुद्दे को उठाने की उम्मीद की जा रही है। वहीं, कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

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