देहरादून: उत्तराखंड में उपनल के माध्यम से राज्य में कार्यरत।सभी साढ़े बाइस हजार कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन मिलना चाहिए ना कि केवल दस वर्ष के कार्यकाल वालों को यह बात आज एआईसीसी सदस्य व उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने धामी कैबिनेट द्वारा दस वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने के निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कही।
श्री धस्माना ने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल ने अपने आदेश में सभी कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने का।आदेश दिया था और कर्मचारियों के नियमितीकरण के मामले में योजना बना कर चरम बद्ध तरीके से समायोजन के लिए कहा था। श्री धस्माना ने कहा कि उच्च न्यायालय के इस निर्णय को दो बार उच्चतम न्यायालय में एसएलपी के माध्यम से चुनौती राज्य सरकार ने दी जिसे खारिज करते हुए उच्चतम न्यायालय ने उच्च न्यायालय नैनीताल के आदेश को यथावत रखा।
श्री धस्माना ने कहा कि सरकार का आज का निर्णय फिर से एक बार उपनल कर्मचारियों के साथ धोखा है क्योंकि केवल दस वर्षों को सेवा वालों को समान कार्य के लिए समान वेतन का आदेश उच्च न्यायालय के आदेशों का पूरा पालन नहीं है क्योंकि सभी साढ़े बाइस हजार कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन नहीं दिया जा रहा और नियमितीकरण के मामले में धामी सरकार मौन है।

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