डीएम प्रशांत आर्य ने लॉन्च किया exploreuttarkashi.com पोर्टल

ट्रैकिंग व साहसिक पर्यटन होगा डिजिटल और पारदर्शी”

उत्तरकाशी। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशों के क्रम में जनपद में ट्रैकिंग तथा साहसिक पर्यटन गतिविधियों के संचालन को आधुनिक, पारदर्शी और पूर्णतः नियंत्रित बनाने के उद्देश्य से exploreuttarkashi.com पोर्टल का विकास कर इसे अधिकृत रूप से संचालन में लाया गया है। यह पोर्टल जनपद में उपलब्ध सभी अधिकृत ट्रैकों, पंजीकृत ट्रेकिंग एजेंसियों, प्रशिक्षित गाइडों, ट्रेकिंग पास प्रणाली, ऑनलाइन पंजीकरण एवं भुगतान व्यवस्था तथा सुरक्षा से सम्बंधित आवश्यक प्रावधानों को एकीकृत रूप से उपलब्ध कराने वाला अत्याधुनिक डिजिटल मंच है,जिसके माध्यम से अब संपूर्ण ट्रैकिंग प्रक्रिया पूर्णतः सुव्यवस्थित ढंग से संपादित की जा सकेगी।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि जनपद देश-विदेश के पर्वतारोहियों और ट्रेकर्स के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र है, जहाँ प्रतिवर्ष हजारों पर्यटक गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान, गोविंद राष्ट्रीय उद्यान, दयारा बुग्याल, केदारताल, हर की दून, कालिंदी पास, बंदरपूंछ सहित अनेक उच्च हिमालयी मार्गों पर साहसिक यात्राएँ करते हैं। पूर्व में ट्रेकिंग गतिविधियों का अधिकांश संचालन ऑफलाइन प्रणाली पर आधारित होने के कारण एजेंसियों का सत्यापन, ट्रेकर्स के दस्तावेजों का संरक्षण, गाइडों की योग्यता की पुष्टि, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता तथा ट्रेकिंग पास निर्गमन जैसी प्रक्रियाएँ अपेक्षाकृत समय-साध्य एवं जटिल रहती थीं। इसके अतिरिक्त कई बार अप्रशिक्षित गाइडों या गैर-पंजीकृत एजेंसियों की संलिप्तता भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से गंभीर चुनौतियाँ उत्पन्न करती थी। इन सभी समस्याओं के निराकरण हेतु एक मजबूत, पारदर्शी और उत्तरदायी डिजिटल प्रणाली की आवश्यकता अनुभव की गई, जिसके फलस्वरूप exploreuttarkashi.com पोर्टल का निर्माण किया गया है।

जिला पर्यटन विकास अधिकारी ने बताया कि जनपद की सभी ट्रेकिंग एजेंसियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपनी एजेंसी का प्रोफाइल, पंजीकरण विवरण, कार्यरत गाइडों के प्रमाणपत्र व अनुभव अभिलेख तथा अन्य सभी आवश्यक सूचनाएँ पोर्टल पर अद्यतन रखें। प्रत्येक एजेंसी के लिए कम से कम दो स्वीकृत व प्रशिक्षित गाइ‌डों का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है, जिनके किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से माउण्टेनियरिंग प्रशिक्षण, हाई-एल्टीट्यूड व फर्स्ट एड प्रमाणपत्र, अनुभव विवरण तथा पहचान दस्तावेज पूरी तरह से सत्यापित एवं अपलोड होने चाहिए। ट्रेकर्स द्वारा किए गए किसी भी आवेदन पर एजेंसी द्वारा 24 से 48 घंटे के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी अपेक्षित है, ताकि ट्रेकिंग प्रक्रिया समयबद्ध एवं सुचारु रूप से आगे बढ़ सके। ट्रैकर द्वारा भरे गये विवरण, दस्तावेज एवं ट्रैवल इन्स्योरेंस करने एवं समस्त जानकारी जो ट्रैकर द्वारा दी गयी है को वेरीफाई करने की सम्पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित ट्रैकिंग एजेन्सी की होगी एवं ई-मेल के माध्यम से ट्रैकर द्वारा Undertaking दी जायेगी। कठिन श्रेणी के ट्रेकों के लिए राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सभी सुरक्षा मानकों जैसे सैटेलाइट फोन, प्रशिक्षित स्टाफ, तकनीकी उपकरण, मौसम संबंधी अद्यतन एवं आपातकालीन व्यवस्थाएं सुनिश्चित किये जाने का अनुपालन करना एजेंसी की जिम्मेदारी होगी।

ट्रेकर्स हेतु यह पोर्टल अत्यंत सरल और उपयोगकर्ता अनुकूल है. जहाँ आवेदक अपने व्यक्तिगत विवरण, पहचान पत्र, यात्रा तिथि, चुनी गई एजेंसी तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन स्वीकृत होने के पश्चात समूह के प्रत्येक सदस्य की जानकारी, ई-मेल सत्यापन, गाइड का आवंटन, उपकरण चेकलिस्ट की पुष्टि तथा ऑनलाइन भुगतान जैसी सभी प्रक्रियाएँ इसी पोर्टल के माध्यम से पूर्ण की जाएँगी। सभी सदस्यों द्वारा डिजिटल सहमति प्रदान किए जाने के उपरांत संबंधित ट्रेक का अंतिम पास जारी किया जाएगा, जिसमें पास आईडी, क्यूआर कोड, ट्रेक विवरण, एजेंसी की जानकारी तथा सदस्यों की सूची सम्मिलित रहेगी। यह पास सभी चेकपोस्ट एवं नियंत्रण बिंदुओं पर प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments