देहरादून, 11 फरवरी 2025(आरएनएस) जिलाधिकारी सविन बंसल ने जनता की भावना को प्राथमिकता देते हुए सुद्धोवाला स्थित विवादित वाइन एवं बीयर शॉप का लाइसेंस निरस्त करने का कड़ा निर्णय लिया। यह कार्रवाई आबकारी अधिनियम 1910 की धारा 34 एवं 59 के तहत दी गई विशेष शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई।
डीएम ने इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद स्पष्ट किया कि लाइसेंस की शर्तों में उल्लंघन हुआ है। ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार, दुकान का स्थान चकराता रोड पर स्वीकृत था, जबकि इसे भाउवाला रोड के अंदर संचालित किया जा रहा था। इसके अलावा, दुकान के पास शिक्षण संस्थानों और आवासीय क्षेत्रों के कारण स्थानीय लोगों को असुविधा हो रही थी।

स्थानीय विरोध और प्रशासन की सख्ती
ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों ने लंबे समय से इस दुकान के खिलाफ धरना दिया। उनका कहना था कि शराब की दुकान के कारण क्षेत्र में शांति भंग और असुरक्षा की स्थिति बनी रहती थी। विद्यार्थियों पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा था।
दूसरी ओर, दुकान के लाइसेंसधारकों ने तर्क दिया कि उन्होंने सभी औपचारिकताओं को पूरा किया है और दुकान का स्थान पूरी तरह से एमडीडीए से स्वीकृत है। हालांकि, डीएम ने क्षेत्रीय अधिसूचना इकाई की रिपोर्ट और स्थानीय परिस्थिति का गहन अध्ययन करते हुए लाइसेंस निरस्त करने का आदेश दिया।

ग्रामीणों में खुशी की लहर
इस फैसले से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। उनका कहना है कि यह कदम जनता की आवाज़ को सम्मान देने और प्रशासन में विश्वास बहाल करने का प्रतीक है। स्थानीय विधायक भी इस मुद्दे को लेकर पहले ही डीएम से मिल चुके थे।
प्रशासन की स्पष्ट नीति
डीएम सविन बंसल ने यह फैसला सुनाते हुए कहा, “हम जनभावनाओं का सम्मान करते हैं और किसी भी स्थिति में शांति और सुरक्षा को प्रभावित नहीं होने देंगे। नियमों का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा।”

डीएम ने जिला आबकारी अधिकारी को इस आदेश पर तत्काल अमल करने के निर्देश दिए हैं। इस सख्त कार्रवाई से स्पष्ट है कि प्रशासन जनहित के मुद्दों पर समझौता नहीं करेगा।

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