देहरादून। जिलाधिकारी सविन बसंल ने ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चकराता एवं त्यूनी के निरीक्षण की अनुपालन आख्या पर बैठक ली। बैठक में जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य केन्द्रों में हो रही विकास कार्यों और नई सुविधाओं के क्रियान्वयन की जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य केन्द्र चकराता में पंजीकरण और दवा वितरण के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए जाने के दिशा निर्देश के अनुसार प्रीफैब्रिकेटेड कक्ष के लिए आंगनन तैयार कर तकनीकी स्वीकृति प्राप्त की गई है। इसी सप्ताह कार्य शुरू किया जाएगा। यहाँ मरीजों की भर्ती और डिस्चार्ज का उचित लेखा-जोखा चिकित्साधीक्षक द्वारा सुनिश्चित किया जा रहा है। दंत अनुभाग में आरबीजी मशीन की मरम्मत पूरा हो चुकी है और यह कार्यशील है। भवन की विद्युत रिवायरिंग के लिए आंगनन गठित कर निविदा आमंत्रित की जा रही है। प्रसव कक्ष के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग की योजना मद से डिलीवरी टेबल और एलईडी फोकस लाइट की खरीदारी की गई है। साथ ही 2 कक्ष सेविकाओं की तैनाती भी की गई है।
रोगी वाहन की सुविधा हेतु जिलाधिकारी द्वारा 15 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई, जिससे एक महिन्द्रा बोलेरो नियो मॉडल एम्बुलेंस जैम पोर्टल के माध्यम से क्रय की गई। इसका मूल्यांकन करीब 12.56 लाख रुपये है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र त्यूनी में डेड बाडी डीप फ्रीजर, एक्स-रे मशीन और अल्ट्रासाउंड मशीन सहित अनेक उपकरणों का क्रय एवं स्थापना कार्य पूरा किया जा चुका है। एक्स-रे मशीन के लिए निविदा कार्यवाही संपन्न हो चुकी है और वित्तीय बोलियां खोलने की प्रक्रिया प्रगति पर है। त्यूनी में अब रेडियोलोजिस्ट महीने में दो दिन सेवा दे रहे हैं। स्वास्थ्य केन्द्र का टाइप ‘बी’ में उन्नयन करने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। शैय्या और उपकरणों का रंग-रोगन, टाइलिंग तथा भवन के मरम्मत कार्य भी लोक निर्माण विभाग के सहयोग से लगातार जारी हैं।
त्यूनी स्वास्थ्य केन्द्र को 15 रूम हीटर, 5 इलेक्ट्रिक केतली, 5 बैंच, और रोगी बैड के लिए तकिये उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इसके अलावा कक्ष सेविका एवं स्वच्छक की तैनाती कर रख-रखाव कार्य सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य चिकित्साधिकारी मनोज शर्मा, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी दिनेश चौहान सहित अन्य अधिकारी एवं चिकित्सक उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा से दूरस्थ क्षेत्रों में निरंतर चिकित्सा सेवाओं का विस्तार कर स्वास्थ्य के मंदिरों को सुविधासंपन्न और जनमानस के लिए भरोसेमंद बनाया जा रहा है।यह कार्य भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर इलाज सुनिश्चित करेगा।

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