देहरादून। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशन में चल रहे ऑपरेशन कालनेमि के तहत दून पुलिस ने गुरुवार को एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी पहचान पत्र बनवाकर देहरादून में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिक ममून हसन और उसकी सहयोगी रीना चौहान को गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर न केवल पहचान छिपाई, बल्कि पति–पत्नी बनकर शहर में किराये पर रह रहे थे।
जानकारी के अनुसार नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र और एलआईयू को 20 नवंबर को सूचना मिली कि एक बांग्लादेशी युवक स्थानीय महिला के साथ फर्जी नाम–पते पर रह रहा है। टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों को हिरासत में लिया। पूछताछ में युवक ने अपना वास्तविक नाम ममून हसन, निवासी मेहरपुर, बांग्लादेश बताया, जबकि महिला रीना चौहान, निवासी त्यूणी, देहरादून निकली।
जांच में चौंकाने वाली बातें सामने आईं। रीना ने स्वीकार किया कि वह अपने पूर्व पति सचिन चौहान के नाम पर ममून के सभी फर्जी दस्तावेज—आधार कार्ड, पैन कार्ड, पहचान पत्र इत्यादि—तैयार करवा चुकी थी। इन्हीं फर्जी कागज़ों की आड़ में ममून हसन देहरादून के एक क्लब में सचिन चौहान के नाम से बाउंसर की नौकरी कर रहा था। पुलिस ने मौके से कई फर्जी प्रमाण पत्र और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं।
फेसबुक से शुरू हुई कहानी, फर्जी पहचान बनाकर भारत में आश्रय
पूछताछ में ममून ने बताया कि उसकी पहचान रीना से फेसबुक पर हुई थी। संबंध गहराने पर वह 2019, 2020 और 2021 में टूरिस्ट वीजा पर तीन बार भारत आया। मुलाकात के दौरान दोनों देहरादून में साथ रहे, लेकिन वीजा समाप्त होने पर ममून वापस चला जाता था। वर्ष 2022 में रीना और ममून अवैध रूप से सीमा पार कर बांग्लादेश गए, जहां दोनों ने निकाह किया। कुछ समय बाद वे फिर अवैध रूप से बॉर्डर क्रॉस कर भारत लौट आए और देहरादून में किराये के मकानों में विभिन्न नामों से रहने लगे।
रीना ने बताया कि उसने अपने परिचितों की मदद से ममून को ‘सचिन चौहान’ बनाने की पूरी साजिश रची और पहचान बदलकर भारत में रहने की व्यवस्था की।
सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज
दोनों के खिलाफ थाना नेहरू कॉलोनी में धारा 420, 467, 468, 471, 120B के तहत धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अतिरिक्त पासपोर्ट अधिनियम 1920 की धारा 3 और विदेशी अधिनियम की धारा 14 में भी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने कहा कि फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और उन पर भी जल्द कठोर कार्रवाई की जाएगी।
ऑपरेशन कालनेमि की अब तक की उपलब्धियाँ
दून पुलिस अब तक जिले में अवैध रूप से रह रहे 16 बांग्लादेशी नागरिकों पर कार्रवाई कर चुकी है।
• 09 को डिपोर्ट किया जा चुका है।
• 07 के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर जेल भेजा गया है।
ऑपरेशन कालनेमि के तहत हुई यह नवीनतम कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ती सतर्कता और फर्जी पहचान के सहारे देहरादून में छिपकर रहने वालों पर कड़ी निगरानी का संकेत देती है। पुलिस ने साफ कहा है—राज्य में अवैध तरीके से रह रहे किसी भी विदेशी को बख्शा नहीं जाएगा।

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