कैंसर मरीज से बुजुर्ग तक सबको, तत्काल राहत के निर्देश
देहरादून।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन का जनदर्शन कार्यक्रम जनमानस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाता नजर आया। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में देहरादून जनपद के साथ-साथ टिहरी गढ़वाल, सहारनपुर रोड और अन्य क्षेत्रों से 130 से अधिक फरियादी पहुंचे। शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए डीएम ने कहा कि समाधान से सुधार तक हर कदम जनहित में उठाया जाएगा, ताकि प्रशासन पर जनता का विश्वास और मजबूत हो।
कार्यक्रम में सबसे पहले टिहरी गढ़वाल के ग्राम चमेली, नरेंद्रनगर निवासी उमा रानी ने अपनी व्यथा सुनाई। पांच वर्षों से पीजीआई चंडीगढ़ में कैंसर का इलाज करवा रही उमा ने आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। डीएम ने तुरंत राइफल क्लब फंड से मदद के लिए प्रभारी अधिकारी शस्त्र को पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसी क्रम में गांधीग्राम निवासी सुनीता देवी ने बताया कि उनके पति दस वर्षों से बीमार हैं और मार्च में बेटी का विवाह प्रस्तावित है। समाज कल्याण विभाग को शासन की सहायता योजनाओं से आर्थिक मदद उपलब्ध कराने का आदेश जारी किया गया।
एक बुजुर्ग महिला की पीड़ा ने सबको भावुक कर दिया। सहारनपुर रोड की 82 वर्षीय संतोष ने बताया कि पति की मृत्यु के बाद उन्होंने संपत्ति पुत्र के नाम कर दी थी, लेकिन पुत्र की भी मृत्यु हो चुकी है और बहू देखभाल नहीं कर रही। लावारिस हालत में पहुंची संतोष के मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने भरण-पोषण अधिनियम के तहत वाद दर्ज कराने के निर्देश दिए। शिक्षा के क्षेत्र में भी सक्रियता दिखी। ओगल भट्टा की एकल माता मोनिका की दो बेटियों की पढ़ाई प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के तहत पुनर्जीवित करने के आदेश दिए गए, जबकि झंडा मोहल्ला की विधवा रेणु देवी की बेटी अनुष्का की शिक्षा इसी प्रोजेक्ट से और पुत्र अर्णीत की फीस माफी के लिए स्कूल प्रबंधन से समन्वय स्थापित करने को कहा गया।
भूमि संबंधी लापरवाही पर डीएम ने सख्त रुख अपनाया। मालदेवता निवासी गौरव पंवार ने 18 माह से लंबित दाखिल-खारिज प्रकरण की शिकायत की, जो तहसील स्तर पर चिह्नित होने के बावजूद पटवारी स्तर पर अटका था। कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए डीएम ने अगले एक दिन में आख्या मांगी और चेतावनी दी कि अनुपालन न होने पर पटवारी के निलंबन की पत्रावली प्रस्तुत की जाए। सभी विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संवेदनशील निस्तारण के निर्देश दिए गए, साथ ही प्रत्येक शिकायतकर्ता को सूचित करने पर जोर दिया।
इस अवसर पर विशेष भूमि अधिग्रहण अधिकारी स्मृता परमार, उप जिलाधिकारी सदर हरिगरि, उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी, उप नगर आयुक्त संतोष कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल सहित विद्युत, एमडीडीए, पेयजल, लोनिवि आदि विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने स्पष्ट संदेश दिया कि जन समस्याओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, और हर अधिकारी जनहित के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता दिखाए। यह कार्यक्रम आर्थिक सहायता से उपचार, शिक्षा से रोजगार तक की चुनौतियों का समाधान दर्शाता है।

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