अंडमान सागर, 26 मार्च। अंडमान सागर में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.4 मापी गई है। इसकी गहराई 75 किलोमीटर थी। हालांकि इस भूकंप से किसी तरह की जनहानि की बात सामने नहीं आई है। इससे पहले बंगाल की खाड़ी में 4.8 की तीव्रता का भूकंप आया था।
इसके अलावा तजाकिस्तान में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.3 मापी गई है।
भूकंप पृथ्वी की सतह पर होने वाली प्राकृतिक घटनाएं हैं, जो मुख्य रूप से पृथ्वी की आंतरिक संरचना में होने वाले तनाव और गतिविधियों के कारण आते हैं। भारत में भूकंप का मुख्य कारण हिमालय क्षेत्र में टेक्टोनिक गतिविधियां हैं। भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट के बीच टकराव के कारण यहां तनाव होता है। यही वजह है कि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत भूकंप के लिहाज से संवेदनशील हैं।
दरअसल टेक्टोनिक प्लेटों के हिलने, टकराने, चढ़ाव, ढलाव से लगातार इन प्लेटों के बीच तनाव बनता रहता है। इससे ऊर्जा बनती है, ऐसे में अगर हल्के-फुल्के भूकंप आते रहते हैं, तो ये ऊर्जा रिलीज होती रहती है और इससे बड़े भूकंप के आने की आशंका बनी रहती है। अगर इन प्लेटों के बीच तनाव ज्यादा होता है तो ऊर्जा का दबाव भी ज्यादा हो जाता है और यह एक साथ तेजी से निकलने का प्रयास करता है, इसी वजह से कभी-कभी भयानक भूकंप आने की आशंका बनी रहती है।
अंडमान सागर और तजाकिस्तान में कांपी धरती, रिक्टर पैमाने पर 4.4 मापी गई भूकंप की तीव्रता
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