
न्यूयॉर्क ,13 मार्च। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अपनाई गई टैरिफ नीतियों से ग्लोबल ट्रेड वॉर का खतरा बढ़ गया है, जिससे अमेरिका में मंदी आने की संभावना जताई जा रही है। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स के वैश्विक मुख्य अर्थशास्त्री पॉल ग्रुएनवाल्ड का मानना है कि टैरिफ पर व्हाइट हाउस के लगातार बदलावों से उत्पन्न अनिश्चितता ने व्यावसायिक निवेश में देरी और उपभोक्ताओं के खर्च कम करने की प्रवृत्ति को जन्म दिया है। इसके अलावा टैरिफ लगाने से अमेरिका में नौकरियों पर भी खतरा मंडराने लगा है।
ग्रुएनवाल्ड ने कहा, मुझे लगता है कि अधिकांश उद्देश्य सार्थक हैं, लेकिन उन्हें जिस तरह लागू किया जा रहा है, वह अत्यंत अव्यवस्थित है। उन्होंने कहा कि यदि फर्म और उपभोक्ता अपने खर्च कम करने लगते हैं और मांग में गिरावट आती है, तो मंदी का सामना करना पड़ सकता है – मंदी जिसे काफी हद तक टाला जा सकता था।
जनवरी में ट्रंप के सत्ता में आने पर अमेरिकी अर्थव्यवस्था को उन्होंने ठोस आधार पर देखा था, जबकि बाइडन प्रशासन के दौरान अर्थव्यवस्था में अधिक मजबूती दर्ज की गई थी। मंदी ऐसी आर्थिक स्थिति है जिसमें किसी देश की सकल घरेलू उत्पाद (त्रष्ठक्क) में लगातार दो तिमाहियों (6 महीने) तक गिरावट आती है। मंदी की स्थिति में त्रष्ठक्क में गिरावट, बेरोजगारी में वृद्धि, उपभोक्ता खर्चों में कटौती, निवेश में कमी, कंपनियों के मुनाफे में कमी और शेयर बाजार में निरंतर गिरावट देखने को मिलती है।
स्टील और एल्युमीनियम के आयात पर टैरिफ
ट्रंप ने अमेरिका में आयातित स्टील और एल्युमिनियम पर 25त्न का भारी टैरिफ लगा दिया है। ट्रंप के पुन: राष्ट्रपति बनने के बाद, पहली बार यूरोपीय संघ पर भी हाई टैरिफ लागू किया गया है।

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