उत्तराखंड में टीएचडीसी की ऊर्जा संरक्षण चित्रकला 

ऋषिकेश।  विद्युत उत्पादन क्षेत्र की प्रतिष्ठित कम्पनी, टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा बुधवार को ऋषिकेश स्थित अपने कॉर्पोरेट कार्यालय में उत्तराखंड राज्य हेतु ऊर्जा संरक्षण पर राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । यह कार्यक्रम भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) के तत्वावधान में आयोजित किया गया। यह प्रतियोगिता स्कूली विद्यार्थियों के बीच ऊर्जा दक्षता के प्रति जागरूकता बढ़ाने की एक राष्ट्रीय पहल का हिस्सा है।

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, श्री सिपन कुमार गर्ग ने बदलते वैश्विक जलवायु परिदृश्य में ऊर्जा संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि रचनात्मक मंचों के माध्यम से बच्चों में जागरूकता विकसित करना भविष्य के उत्तरदायी नागरिकों के निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि इस वर्ष के विषय, ‘एक ग्रह, एक अवसर – ऊर्जा बचाएं’ और ‘ऊर्जा संरक्षण: मेरी जिम्मेदारी, हमारा भविष्य’ ने छात्रों को अपनी कल्पनाशील चित्रकलाओं के माध्यम से सतत विकास का संदेश व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित किया। छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने उनकी “रचनात्मकता, जागरूकता तथा ऊर्जा संरक्षण की विचारशील अभिव्यक्ति” की प्रशंसा की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के मुख्य तकनीकी अधिकारी (CTO), श्री एल. पी. जोशी ने की, जो मुख्य अतिथि के रूप में इस अवसर पर उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने प्रतिभागियों को बधाई दी और कहा, “उत्तराखंड के छात्रों द्वारा दिखाया गया उत्साह ऊर्जा संरक्षण की आवश्यकता के प्रति उनकी गहरी समझ को दर्शाता है। उनकी कलाकृतियां इस धरती के प्रति जिम्मेदारी की भावना को खूबसूरती से प्रदर्शित करती हैं।” उन्होंने प्रतियोगिता के सुचारू और सफल संचालन के लिए शिक्षकों और आयोजकों के समर्पण की भी सराहना की।

डॉ. ए. एन. त्रिपाठी, मुख्य महाप्रबंधक (मा. सं. एवं प्रशा. व जनसंपर्क) ने अपने स्वागत संबोधन में इस बात पर ज़ोर दिया कि इस तरह की पहल न सिर्फ़ क्रिएटिविटी को बढ़ावा देती हैं, बल्कि ऊर्जा संरक्षण के प्रति ज़िम्मेदारी के बारे में विद्यार्थियों की समझ को भी गहरा करती हैं।

श्री एल. पी. जोशी, मुख्य तकनीकी अधिकारी एवं डॉ. ए. एन. त्रिपाठी, मुख्य महाप्रबंधक (मा. सं. एवं प्रशा. व जनसंपर्क) ने समूह ‘क’ (कक्षा 5-7) और समूह ‘ख’ (कक्षा 8-10) दोनों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार विजेताओं को क्रमशः 50,000/-, 30,000/- और 20,000/- रुपये के पुरस्कार प्रदान किए। इसके अतिरिक्त, 7,500/- रुपये के 10 सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किए गए।

समूह ‘क’ (Group A) में मास्टर ऋतुराज कश्यप (कक्षा- 7वीं, अचार्यकुलम हरिद्वार) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जिसके बाद सुश्री पिहू रानी (कक्षा- 7वीं अचार्यकुलम हरिद्वार) ने द्वितीय और मास्टर रिद्हम दास (कक्षा- 6वीं, डी.पी.एस. रानीपुर, हरिद्वार) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

समूह ‘ख’ (Group B) में सुश्री सताक्षी वत्स (कक्षा- 8वीं, अचार्यकुलम हरिद्वार) ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि सुश्री कोमल रानी (कक्षा- 8वीं, अचार्यकुलम हरिद्वार) और सुश्री इशीता कुमारी (कक्षा- 10वीं, डी.पी.एस. रानीपुर, हरिद्वार) ने क्रमशः द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया।

इस प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले छह प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय स्तर पर नई दिल्ली में आयोजित होने वाले फाइनल में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने का अवसर अर्जित किया है।

श्री ए. के. विश्वकर्मा, नोडल अधिकारी (उत्तराखंड) एवं उप महाप्रबंधक (मा. सं.), टीएचडीसी ने बताया कि इस वर्ष उत्तराखंड के 242 स्कूलों से 1,90,241 छात्रों ने इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लिया, जो पिछले वर्ष के 1,80,611 छात्रों की भागीदारी से अधिक है, और दोनों समूहों के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले छात्र अब राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करेंगे।

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