किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या: ‘धामी सरकार की विफलता, कानून व्यवस्था बिखरी’—करण माहरा

बोले हरिद्वार हत्याकांड के बाद किसान सुसाइड: धामी बयानबाजी छोड़ें

देहरादून। उधम सिंह नगर के किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या को पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और CWC सदस्य करण माहरा ने “अत्यंत दुखद, चिंताजनक और धामी सरकार की प्रशासनिक विफलता” करार दिया। उन्होंने कहा कि CM के गृह जनपद में किसान ने जमीन बचाने की लड़ाई लड़ी, लेकिन प्रशासन-पुलिस से राहत के बजाय अपमान, धक्के और गाली-गलौज मिले। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न है।

माहरा ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “प्रदेश में कानून व्यवस्था बद से बदतर हो रही। पुलिस का उद्देश्य जनता की सुरक्षा था, लेकिन संवेदनहीन संस्थाएं अब नागरिकों के खिलाफ हैं। सुखवंत की आत्महत्या सड़े तंत्र की तस्वीर है।” उन्होंने हालिया हरिद्वार पुलिस अभिरक्षा हत्याकांड का जिक्र कर कहा, “ये घटनाएं इशारा करती हैं कि कानून व्यवस्था बिखर चुकी, सरकारी मशीनरी विफल।”

कांग्रेस ने निष्पक्ष जांच, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा, दोषी अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई और भूमि घोटालों के खिलाफ विशेष अभियान की मांग की। माहरा ने CM से अपील की, “बयानबाजी छोड़ें, जमीन पर कार्रवाई करें।” उन्होंने किसान को श्रद्धांजलि दी और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। “कांग्रेस जनता के साथ खड़ी है, अन्याय के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी।”

बताते चलें कि ऊधम सिंह नगर में सुखवंत सिंह ने कथित जमीन धोखाधड़ी के खिलाफ प्रशासन से न्याय मांगा, लेकिन उपेक्षा से तंग आकर आत्महत्या की। यह घटना अंकिता भंडारी आंदोलन के बीच राज्य की कानून व्यवस्था पर नया विवाद खड़ी कर रही। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कर जांच शुरू की, लेकिन विपक्ष का सरकार पर दबाव बनाना जारी है।

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