तीन दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर जाएगा 26 सदस्यीय किसानों का दल
4 मार्च को सहकारिता मंत्री डॉ. रावत हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना
देहरादून, 1 मार्च 2025(आरएनएस)उत्तराखंड के 13 जनपदों से चयनित 26 उत्कृष्ट किसानों का दल 4 मार्च को कर्नाटक और महाराष्ट्र के अध्ययन भ्रमण पर रवाना होगा। सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत देहरादून से हरी झंडी दिखाकर इस दल को रवाना करेंगे।
किसानों का यह अध्ययन भ्रमण सहकारिता, बागवानी, मत्स्य, दुग्ध एवं बहुउद्देशीय सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली को समझने के लिए आयोजित किया जा रहा है। भ्रमण के उपरांत यह किसान अपने-अपने जनपदों में गोष्ठियों के माध्यम से अन्य किसानों को प्रशिक्षित करेंगे और मास्टर ट्रेनर की भूमिका निभाएंगे।
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि गत वर्ष भी 26 किसानों को हिमाचल और गुजरात के अध्ययन भ्रमण पर भेजा गया था, जिसके सकारात्मक परिणाम मिले। इसी क्रम में इस वर्ष किसानों को कर्नाटक और महाराष्ट्र भेजा जा रहा है, ताकि वे अन्य राज्यों की उन्नत कृषि तकनीकों, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन और सहकारी गतिविधियों का अध्ययन कर उत्तराखंड में उनका क्रियान्वयन कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह का उद्देश्य है कि देश का किसान आत्मनिर्भर बने और सहकारिता आंदोलन को बल मिले। इसी के तहत यह वर्ष अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।
अध्ययन भ्रमण से किसानों को मिलेगा नया दृष्टिकोण
निबंधक सहकारी समितियां श्रीमती सोनिका ने कहा कि अध्ययन भ्रमण ज्ञान अर्जन का सर्वोत्तम माध्यम है। सहकारिता विभाग किसानों को नई दिशा देने के लिए प्रयासरत है, जिससे सहकारी संस्थाओं के सदस्यों को भी लाभ मिले। उन्होंने बताया कि सहकारिता मंत्री डॉ. रावत की मंशा है कि उत्तराखंड के किसानों की आय में बढ़ोतरी हो और यह अध्ययन भ्रमण उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अध्ययन भ्रमण का कार्यक्रम
प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन के प्रबंध निदेशक नीरज बेलवाल ने बताया कि किसानों का दल 4 मार्च को सड़क मार्ग से देहरादून से दिल्ली पहुंचेगा और वहां से हवाई मार्ग द्वारा कर्नाटक व महाराष्ट्र जाएगा। 13-13 किसानों को दो समूहों में विभाजित किया गया है, जिसमें कर्नाटक जाने वाले दल के साथ 2 विभागीय अधिकारी और महाराष्ट्र जाने वाले दल के साथ 2 अन्य अधिकारी होंगे। भ्रमण के पश्चात सभी किसान अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे।
ये स्थान होंगे अध्ययन भ्रमण का हिस्सा:
▶ कर्नाटक में:
- बेंगलुरु मिल्क यूनियन
- हॉर्टिकल्चर कोऑपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी
- होसाकोट तूलक फिशरी कोऑपरेटिव सोसाइटी
- श्री वेंकटेश्वर पोल्ट्री समिति
- बेंगलुरु कोऑपरेटिव सोसाइटी
▶ महाराष्ट्र में:
- आदित्य फिशरी कोऑपरेटिव सोसाइटी
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कोऑपरेटिव मैनेजमेंट, पुणे
- संत तुकाराम कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री
यह अध्ययन भ्रमण उत्तराखंड के किसानों को आधुनिक तकनीकों और सहकारी संगठनों के सफल मॉडल्स को अपनाने में सहायक होगा, जिससे राज्य के कृषि और दुग्ध उद्योग को नई दिशा मिलेगी।

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