गंगा पर प्रस्तावित पुल निर्माण में देरी पर पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद ने उठाए गंभीर सवाल

पुल न बन सके इसके लिए आखिर कौन कर रहा है राजनीति, आजादी के बाद भी किसान देख रहे पुल की राह

लक्सर/हरिद्वार। जनपद हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र में गंगा नदी पर प्रस्तावित पुल निर्माण को लेकर पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद ने सरकार और संबंधित विभागों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में उत्तराखंड सरकार द्वारा मुख्यमंत्री घोषणा संख्या 569/2024 के अंतर्गत खसरा नंबर 291 के आसपास गंगा नदी पर पुल निर्माण की घोषणा की गई थी। इसके लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा आंगनन भी तैयार किया गया और परियोजना के लिए लगभग 10,713.48 लाख रुपये (लगभग 107 करोड़ रुपये) की धनराशि स्वीकृत की गई।

रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि जब सरकार की ओर से घोषणा हो चुकी है, धनराशि स्वीकृत हो चुकी है और पूरा प्रस्ताव भी तैयार हो चुका है, तो अब तक पुल निर्माण कार्य शुरू क्यों नहीं हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर स्वीकृत हुए इतने करोड़ रुपये कहां गए और परियोजना अभी तक धरातल पर क्यों नहीं उतरी।

उन्होंने बताया कि इस पुल का निर्माण लक्सर के रामपुर रायघटी गांव से लेकर नागल सोती गांव तक होना था। इस पुल के बनने से क्षेत्र के हजारों किसानों को राहत मिलती, जो आज भी गंगा पार अपनी खेती करने के लिए मजबूर हैं। किसान अपनी जान जोखिम में डालकर नाव के सहारे फसल और कृषि उपकरण गंगा नदी पार लाते हैं। कई बार ऐसी घटनाएं भी हो चुकी हैं जब किसानों की फसल और गाड़ियां गंगा नदी में बह चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि हाल ही में एक दुखद घटना में एक व्यक्ति अपनी बाइक सहित गंगा नदी में बह गया, जो आज तक नहीं मिल पाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस प्रकार की घटनाओं की जिम्मेदारी आखिर किसकी है।रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि क्षेत्र के किसान आजादी से पहले से ही इसी तरह जोखिम उठाकर गंगा पार खेती करने को मजबूर हैं। यदि आज भी उनकी स्थिति नहीं बदली, तो क्या यह मान लिया जाए कि इन किसानों को आज तक वास्तविक आजादी नहीं मिली।

इसके साथ ही उन्होंने एक और बड़ा सवाल उठाते हुए कहा कि क्या यह पुल निर्माण कार्य पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बीच वर्चस्व की राजनीति और आपसी खींचतान के कारण तो नहीं लटका हुआ है? उन्होंने कहा कि यदि ऐसा है तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के कारण क्षेत्र के हजारों किसानों और आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

रविंद्र सिंह आनंद ने सरकार और संबंधित विभागों से मांग की कि इस पुल निर्माण कार्य को तुरंत शुरू कराया जाए और जनता को स्पष्ट रूप से बताया जाए कि स्वीकृत धनराशि का क्या हुआ। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि इस महत्वपूर्ण परियोजना को रोकने या लटकाने के पीछे आखिर कौन राजनीति कर रहा है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस पुल निर्माण कार्य को शुरू नहीं कराया गया तो क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।

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