पीएम मोदी के वेबिनार में बोले गणेश जोशी— नट्स उत्पादन में अग्रणी बनेगा उत्तराखंड

देहरादून । प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने शुक्रवार को राजकीय उद्यान सर्किट हाउस, देहरादून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित पोस्ट बजट वेबिनार में वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया। यह वेबिनार अखरोट, बादाम और पाइन नट्स जैसे गिरीदार फलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।

इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में किसानों की आय बढ़ाने और औद्यानिकी क्षेत्र के विकास के लिए सरल एवं प्रभावी नीतियां लागू की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अखरोट, बादाम और पाइन नट्स को बढ़ावा देने की घोषणा किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की सीमाओं पर तैनात जवानों के साथ-साथ किसानों की भी उतनी ही चिंता करते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में उत्तराखण्ड चहुंमुखी विकास की ओर अग्रसर है और राज्य में औद्यानिकी के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें सेब की अति सघन बागवानी, उत्तराखण्ड कीवी नीति, ड्रैगन फ्रूट फार्मिंग, सेब की तुड़ाई उपरांत प्रबंधन योजना, मधुमक्खी पालन नीति और अत्याधुनिक सेब नर्सरी विकास योजना शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में उत्तराखण्ड में लगभग 5642 हेक्टेयर क्षेत्रफल में अखरोट की खेती की जा रही है, जिससे करीब 8995 मीट्रिक टन उत्पादन प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की भौगोलिक परिस्थितियां अखरोट और बादाम की खेती के लिए बेहद अनुकूल हैं तथा इन फसलों को जंगली जानवरों से भी कम नुकसान होता है। इससे किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त होने की संभावना रहती है।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अखरोट की खेती को क्लस्टर आधारित मॉडल पर बढ़ावा दिया जाए और बादाम सहित अन्य गिरीदार फलों के उत्पादन को भी प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही कम समय में अधिक उत्पादन देने वाली उन्नत प्रजातियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य की पौधशालाओं में वर्तमान में अखरोट के 42,699 और बादाम के 630 पौधे उपलब्ध हैं। मंत्री जोशी ने कहा कि गुणवत्तायुक्त फल पौध तैयार करने के लिए राजकीय उद्यानों और नर्सरियों को सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि किसानों को उनकी मांग के अनुसार पौधे उपलब्ध कराए जा सकें।

इस दौरान कृषि मंत्री जोशी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि राज्य के उद्यानों और पौधशालाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए आउटसोर्सिंग के माध्यम से 415 मालियों की भर्ती प्रक्रिया में आ रही विसंगतियों को शीघ्र दूर कर भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए।

इस अवसर पर निदेशक उद्यान सुंदर लाल सेमवाल, बागवानी मिशन निदेशक महेंद्र पाल, रतन कुमार सहित बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।

ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments