ऑक्सफोर्ड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुई 109 साल पुरानी परंपरा
हरिद्वार। भारत की आस्था और संस्कृति के लिए यह ऐतिहासिक क्षण है। हरिद्वार की प्रसिद्ध गंगा आरती को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिल गई है। लगातार 109 वर्षों से हर की पैड़ी पर हो रही यह आरती अब ऑक्सफोर्ड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गई है। यह गौरव न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
गंगा आरती की शुरुआत 1916 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने कराई थी। तब से यह परंपरा एक दिन के लिए भी नहीं टूटी। यहां तक कि कोरोना महामारी के कठिन समय में भी, जब अधिकांश धार्मिक व सामाजिक गतिविधियां ठप हो गई थीं, हर की पैड़ी पर गंगा आरती निर्बाध रूप से होती रही।
श्री गंगा सभा, जो इस आरती का आयोजन करती है, को यह सम्मान ऑक्सफोर्ड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के भारत प्रतिनिधि पंडित सुरेश मिश्रा ने हर की पैड़ी स्थित सभा कार्यालय में प्रदान किया। उन्होंने बताया कि जून 2026 में लंदन स्थित ऑक्सफोर्ड यूनियन के मुख्यालय में एक विशेष कार्यक्रम में गंगा सभा को औपचारिक रूप से सम्मानित किया जाएगा।
सम्मान ग्रहण करते हुए श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने कहा, “गंगा आरती मात्र धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति की आत्मा है। यह परंपरा ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचाती है। विश्व रिकॉर्ड में दर्ज होना हर भारतीय के लिए गौरवपूर्ण क्षण है।”
गंगा आरती प्रतिदिन तीन बार हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में संपन्न होती है और अब इसका सीधा प्रसारण भी दुनिया के कई हिस्सों में देखा जा सकता है। दीपों की लौ, मंत्रोच्चार और गंगा तट पर गूंजती भक्ति ध्वनि हर आगंतुक को अविस्मरणीय अनुभव देती है।
इस अवसर पर गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। सभा ने इसे अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि करार देते हुए कहा कि यह सम्मान भविष्य में और भी बड़ी पहचान पाने की प्रेरणा देगा।

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