

कर्णप्रयाग और सिमली पार्किंग परियोजनाओं को मिली रफ्तार, मुख्यमंत्री धामी बोले—आस्था, सुरक्षा और सुगमता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता
देहरादून। उत्तराखंड सरकार एक ओर चारधाम यात्रा को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए आधारभूत ढांचे को मजबूत करने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर कांवड़ यात्रा 2026 भी सुरक्षा, सुव्यवस्थित यातायात और बेहतर प्रबंधन के साथ सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर कर्णप्रयाग और सिमली में आधुनिक पार्किंग परियोजनाओं को गति दी गई है, जबकि अब तक 2 करोड़ 19 लाख 70 हजार से अधिक शिवभक्त गंगाजल लेकर सकुशल अपने गंतव्य की ओर लौट चुके हैं।
आवास विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित विस्तृत वित्तीय समिति (डीएफसी) की बैठक में कर्णप्रयाग एवं सिमली पार्किंग परियोजनाओं की वित्तीय, तकनीकी और निर्माण संबंधी तैयारियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को सभी प्रशासनिक एवं तकनीकी औपचारिकताएं समयबद्ध ढंग से पूरी कर निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिए गए।
कर्णप्रयाग में लगभग 3.74 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली पार्किंग में 22 चारपहिया वाहनों की क्षमता होगी तथा प्रथम तल पर आधुनिक कमर्शियल हॉल भी बनाया जाएगा। वहीं सिमली में करीब 3.99 करोड़ रुपये की लागत से 30 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग विकसित की जाएगी। दोनों परियोजनाओं से चारधाम यात्रा के दौरान बढ़ते यातायात दबाव को कम करने, जाम की समस्या से राहत दिलाने और स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार चारधाम यात्रा मार्गों पर आधुनिक एवं टिकाऊ आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उधर, राज्य सरकार ने बताया कि कांवड़ यात्रा 2026 भी पूरी तरह सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुचारु रूप से संचालित हो रही है। अब तक 2 करोड़ 19 लाख 70 हजार से अधिक शिवभक्त पवित्र गंगाजल लेकर सकुशल लौट चुके हैं। केवल 6 अगस्त को शाम छह बजे तक 39 लाख 15 हजार श्रद्धालुओं ने गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया।
सरकार के अनुसार यात्रा मार्गों पर यातायात प्रबंधन, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था, अनुशासन और सेवा का महापर्व है। उन्होंने शिवभक्तों, स्थानीय नागरिकों, स्वयंसेवी संगठनों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों से यात्रा को सुरक्षित एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने में सहयोग की अपील करते हुए विश्वास जताया कि सभी के समन्वित प्रयासों से उत्तराखंड एक बार फिर उत्कृष्ट व्यवस्थाओं और अतिथि सत्कार की अपनी परंपरा को मजबूती से स्थापित करेगा।

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