चमोली(आरएनएस)। नीती-माणा जनजाति कल्याण समिति की ओर से बेडूबगड़ (बिरही) में आयोजित तीन दिवसीय जनजाति समागम में दूसरे दिन जनजाति समाज की भविष्य की रणनीति और प्रस्तुतिकरण पर चर्चा हुई। इस दौरान वक्ताओं ने जनजाति के उत्थान, बोली-भाषा, रहन-सहन, खानपान को संरक्षित करने पर जोर दिया। समागम में पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड में जनजाति समुदाय के ग्रामीण अनेकता में एकता का संदेश देते हैं। उन्होंने भोटिया पड़ावों के जनजाति के लोगों को मालिकाना हक देने की पैरवी की। उन्होंने कहा कि जनजाति के ग्रामीण सीमा क्षेत्र में द्वितीय रक्षा पंक्ति की भूमिका निभाते हैं। ग्रीष्मकाल में नीती और माणा घाटी के ग्रामीण सीमा क्षेत्रों में अपने पैतृक घरों में निवास करते हैं जबकि शीतकाल में छह माह तक जनपद के निचले क्षेत्रों में रहते हैं। निचले क्षेत्रों के निवासस्थल को भोटिया पड़ाव कहते हैं। उन्होंने कहा कि इन पड़ावों पर जनजाति के लोगों को मालिकाना हक दिया जाना चाहिए। सीमा क्षेत्र के लोग मजबूत होंगे तो हमारी देश की सीमाएं भी मजबूत होंगी।
बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला ने कहा कि जनजाति के लोगों की भोटिया पड़ावों में मालिकाना हक की मांग को विधानसभा में उठाया जाएगा। नीती-माणा जनजाति कल्याण समिति के अध्यक्ष हरीश परमार ने कहा कि यह समागम स्वर्गीय दीवान सिंह खाती के लिए समर्पित किया गया है। उन्होंने जनजाति के उत्थान के लिए अद्वितीय कार्य किए। इस मौके पर कांग्रेस मलारी के ग्राम प्रधान देव सिंह राणा, शंकर राणा, जिलाध्यक्ष सुरेश डिमरी, नगर पालिका अध्यक्ष देवेश्वर शाह, हरिकृष्ण भट्ट, चंद्रशेखर पल्लव, कागा गांव के पूर्व अध्यक्ष पुष्कर सिंह राणा, गौरव फरस्वाण, बंड विकास संगठन के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नेगी, संरक्षक शंभू प्रसाद सती, अरविंद नेगी, गोविंद सजवाण, सुकी भलागांव के पूर्व ग्राम प्रधान लक्ष्मण सिंह, लक्ष्मण सिंह फरकिया आदि मौजूद रहे।
समागम के समापन पर पहुंचेंगे मुख्यमंत्री: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को जनजाति समागम में प्रतिभाग करेंगे। मुख्यमंत्री के वरिष्ठ निजी सचिव भूपेंद्र सिंह बसेड़ा ने जिला प्रशासन को मुख्यमंत्री का कार्यक्रम भेजा है। मुख्यमंत्री हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम के बाद हेलिकॉप्टर से अपराह्न 1 बजकर 40 मिनट पर सेमलडाला मैदान पीपलकोटी पहुंचेंगे और कार से अपराह्न दो बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे।
लोक गायक किशन महिपाल के गीतों की रही धूम: जनजाति समागम में नीती और माणा घाटी के ग्राम पंचायतों की महिला मंगल दलों की प्रस्तुतियों के साथ ही लोक गायक किशन महिपाल के गीतों की धूम रही। देर शाम तक लोग पंडाल में गीतों पर थिरकते रहे। किशन महिपाल ने स्याली बंपाली, त्वे मिलण औलू नीती-गमशाली, किंगरी का झाला घुघूती.. आदि गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दी। लाता गांव की महिलाओं और युवाओं ने जीतू बगड़वाल नृत्य गी प्रस्तुतियां दी। कोषा, लाता, मेरग, परसारी, ओथ हनुमानचट्टी, सुभांई, जेलम, जुम्मा, बालखिला और मलारी की महिलाओं ने भी गीत नृत्य की प्रस्तुति दी।
गोदियाल ने की भोटिया पड़ावों के जनजाति के लोगों को मालिकाना हक देने की पैरवी
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