
देहरादून(आरएनएस)। लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) आज उत्तराखण्ड के राज्यपाल के पद पर चार साल का कार्यकाल पूरा कर रहे हैं। वह सुदर्शन अग्रवाल के बाद दूसरे राज्यपाल हैं, जिन्होंने उत्तराखंड में चार साल का कार्यकाल पूरा किया है। इन चार साल में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने उत्तराखण्ड के विकास के लिए पांच मिशन रिवर्स पलायन, महिला सशक्तीकरण एवं बालिका शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं तकनीकी, जैविक एवं प्राकृतिक कृषि और वेलनेस निर्धारित करने के साथ ही इन्हें पूरा करने के लिए मजबूती के साथ कदम आगे बढ़ाए। राजभवन में एआई ऑटोमेशन सिस्टम हुआ शुरू राज्यपाल गुरमीत सिंह ने तकनीक पर जोर देते हुए राजभवन को डिजिटल कनेक्ट करने का काम कराया।
एआई आधारित स्मार्ट ऑटोमेशन सिस्टम में ऑनलाइन मैनेजमेंट सिस्टम, ई-पास, लाइब्रेरी मैनेजमेंट सिस्टम, डिजिटल डैशबोर्ड के काम किए जा रहे हैं। देहरादून राजभवन का वर्चुअल टूर तैयार कराया। देहरादून और नैनीताल राजभवन को तकनीकी विश्वविद्यालय के सहयोग से इन्वेंटरी मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया। इन्वेंटरी में बार कोड से पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिल रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से राजभवन मैत्री चैटबॉट, चारधाम यात्रा डैशबोर्ड, गार्गी नारी शक्ति चैटबॉट, इटरनल गुरु चैटबॉट तैयार करवाए जो आज अपने लक्ष्यों और उद्देश्यों को सफलता से पूरा कर रहे हैं। चार साल लगातार सक्रिय रहे गुरमीत सिंह राज्यपाल अपने चार साल के कार्यकाल में पूरी तरह सक्रिय रहे। वह चार साल में सभी जिला मुख्यालयों का दौरा कर चुके हैं। अधिकारियों और स्थानीय लोगों से संवाद करने के साथ ही राज्य के 51 ब्राइब्रेंट गांवों में 30 का दौरा कर चुके हैं। सैनिकों और उनके आश्रितों की समस्याओं के निवारण के लिए राजभवन में शिकायत निवारण अधिकारी की तैनाती की गई। राज्य में मौजूद 80 से ज्यादा केंद्रीय संस्थानों के साथ निरंतर बैठकें की जा रही हैं। साथ ही टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत उनके मार्ग-निर्देशन में 10 हजार से अधिक निःक्षय मित्रों के माध्यम से टीबी रोगियों की सहायता की है। अलग भूमिका में नजर आया राजभवन राज्यपाल ने गुरमीत सिंह ने राजभवन को आमजन से जोड़ने का काम किया। राजभवन परिसर में निवासरत परिवारों की बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा एवं कंप्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र शुरू करवाया। राजभवन में स्वास्थ्य, वित्तीय और साक्षरता सेमिनारों को प्राथमिकता दी। राजभवन परिसर में हर छह महीने में परिवार मिलन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। साथ ही आरोग्यधाम केन्द्र, ग्रीन राजभवन जैसी पहल भी की गई। राजभवन देहरादून में स्थापित नक्षत्र वाटिका में 27 नक्षत्रों से संबंधित 27 पौधों को स्थान दिया गया है। साथ ही बोनसाई गार्डन का विस्तार कराया, जिसमें 500 से अधिक पौधों को संरक्षित किया गया है। उत्तराखंड में उच्च शिक्षा में सुधार के लिए नई पहलें उच्च शिक्षा में सुधार के लिए राज्यपाल ने कई नई पहलें की। इनमें तकनीकों के प्रयोग की शुरूआत की। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने पहली बार निजी विश्वविद्यालयों के साथ बैठक की शुरूआत की और उन्हें एक प्लेटफॉर्म में लाने के प्रयास किए। उन्होंने उच्च शिक्षा में शोध, पारदर्शिता के नए पैमाने तय करवाए। – वन यूनिवर्सिटी वन रिसर्च: राजकीय विश्वविद्यालयों और पांच निजी विश्वविद्यालयों को राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए अपनी विशेषज्ञता के अनुसार शोध का चयन कर एक साल में रिपोर्ट प्रस्तुत की। शोध निष्कर्षों के क्रियान्वयन पर काम किया जा रहा है। -उत्तराखण्ड कॉलेज एफिलिएशन पोर्टल: राजकीय विश्वविद्यालयों से सम्बद्ध महाविद्यालयों और संस्थानों की संबद्धता प्रक्रिया को सुगम और प्रभावी बनाने के लिए उत्तराखण्ड कॉलेज एफिलिएशन पोर्टल तैयार किया गया है। पांच विश्वविद्यालयों की संबद्धता प्रक्रिया ऑनलाइन चल रही है। -पारदर्शी चयन प्रक्रिया: राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के चयन की पारदर्शिता प्रक्रिया के लिए इंटरेक्शन की वीडियो रिकॉर्डिंग की शुरुआत की है। विश्वविद्यालयों की जवाबदेही और स्वायत्तता सुनिश्चित करने के लिए नियुक्तियों तथा कार्य परिषदों की बैठकों में पूर्ण पारदर्शिता से करने के लिए सभी कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग करने के निर्देश दिए। -यूनिवर्सिटी कनेक्ट और यूनिसंगम मोबाइल ऐप: राज्यपाल की पहल पर राजकीय विवि के लिए ‘यूनिवर्सिटी कनेक्ट उत्तराखण्ड और निजी विश्वविद्यालयों के लिए ‘यूनिसंगम मोबाइल ऐप शुरू किया गया। सभी विवि अपनी उपलब्धियों, बेस्ट प्रैक्टिसेज, कार्यक्रमों, विषय-विशेषज्ञों, सूचनाओं, स्टार्टअप, शोध और विकास को साझा करने की सुविधा दी।

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