ग्राफिक एरा ने बढ़ाया एक और कदम, स्पोर्ट्स इंजरी व थेरेपी सेंटर का उद्घाटन

देहरादून । ग्राफिक एरा ने उत्तराखंड को नई सौगात से नवाजा है। स्पोर्ट्स इंजरी और फिजियोथैरेपी के लिए नया सेंटर खोल दिया गया है। अपनी तरह का यह पहला ऐसा केंद्र है जिसमें स्पाइन से लेकर दुर्लभ तरह की स्पोर्ट्स इंजरी की थेरेपी के लिए सुविधा और मशीन उपलब्ध है।

ग्राफिक एरा में आज अत्याधुनिक ‘ग्राफिक एरा रिहैब के नाम से फिजियोथेरेपी एवं स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर’ का शुभारंभ किया गया। सेंटर का उद्घाटन ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन प्रो. डॉ. कमल घनशाला और वाइस चेयरपर्सन डॉ राखी घनशाला ने किया। आधुनिक तकनीकों और विशेषज्ञ सेवाओं से सुसज्जित यह सेंटर फिजियोथेरेपी, पुनर्वास और खेल चोटों के उपचार के साथ-साथ मरीजों और खिलाड़ियों को चोट के बाद सुरक्षित एवं वैज्ञानिक तरीके से सामान्य गतिविधियों और खेल में वापसी के लिए तैयार करेगा।

ग्राफिक एरा रिहैब की सबसे बड़ी खासियत यहां उपलब्ध अत्याधुनिक तकनीकें और उपकरण हैं। सेंटर में जर्मनी की एनएचओआरडी कॉम्बी ट्रेनर विद वॉल बार, स्पाइनल डीकंप्रेशन मशीन, क्लास IV लेजर और बोबो मोशन एंड बैलेंस सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकें उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें से कई सुविधाएं उत्तराखंड में पहली बार उपलब्ध हुई हैं।एनएचओआरडी कॉम्बी ट्रेनर विद वॉल बार के माध्यम से उपचारात्मक एवं कार्यात्मक व्यायाम कराए जाएंगे, जबकि स्पाइनल डीकंप्रेशन मशीन रीढ़ तथा मांसपेशियों और हड्डियों से जुड़ी समस्याओं के पुनर्वास में सहायक होगी। क्लास IV लेजर दर्द और सूजन के प्रबंधन तथा रिकवरी में मदद करेगी, वहीं बोबो मोशन एंड बैलेंस सिस्टम से संतुलन, स्थिरता और तंत्रिका-मांसपेशीय नियंत्रण का आकलन एवं प्रशिक्षण किया जा सकेगा।

इसके साथ ही सेंटर में अमेरिका की प्रतिष्ठित प्रीकोर कंपनी के अत्याधुनिक स्ट्रेंथ एवं कार्डियो ट्रेनिंग उपकरण भी लगाए गए हैं। यहां चोट या सर्जरी के बाद शुरुआती पुनर्वास से लेकर मांसपेशियों की शक्ति बढ़ाने, शारीरिक क्षमता विकसित करने और सामान्य गतिविधियों में सुरक्षित वापसी तक चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जाएगा। खिलाड़ियों के लिए विशेष रूप से स्पोर्ट्स इंजरी रिहैबिलिटेशन, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग तथा रिटर्न-टू-स्पोर्ट कार्यक्रम तैयार किए गए हैं, जिससे वे चोट के बाद सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से खेल के मैदान में वापसी कर सकें। सेंटर में मांसपेशियों एवं हड्डियों से जुड़ी समस्याओं, सर्जरी के बाद पुनर्वास, दर्द एवं गतिशीलता संबंधी परेशानियों और मांसपेशियों की कमजोरी के लिए भी विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।

इस अवसर पर ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन के चेयरमैन डॉ. कमल घनशाला ने कहा कि चोट या सर्जरी के बाद केवल उपचार ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि सही और वैज्ञानिक पुनर्वास भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ग्राफिक एरा का उद्देश्य उत्तराखंड के मरीजों और खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय फिजियोथेरेपी एवं पुनर्वास सुविधाएं अपने ही शहर में उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि अब लोगों को उन्नत पुनर्वास सुविधाओं के लिए दिल्ली या अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा और उन्हें यहां आधुनिक तकनीक एवं विशेषज्ञ सेवाओं के साथ व्यवस्थित उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।

ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन की वाइस चेयरपर्सन डॉ. राखी घनशाला ने कहा कि उत्तराखंड के लोगों को ऐसी सुविधा उपलब्ध न होने के कारण बाहर जाना पड़ता था। अब उन्हें सारी सुविधाएं देहरादून में मिल जाएगी। इसके लिए अत्याधुनिक मशीनों के साथ ही विशेषज्ञों की सेवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

फिजियोथेरेपी विभाग के एचओडी डॉ. ओवेश तलाशी ने कहा कि ग्राफिक एरा रिहैब की स्थापना उत्तराखंड में फिजियोथेरेपी और स्पोर्ट्स रिहैबिलिटेशन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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