दिए पंप हाउस और पानी की टंकी की मरम्मत के निर्देश
हरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जल जीवन मिशन के तहत हरिद्वार की ग्राम पंचायत रावली मेहदूद और जमालपुर कलां में पेयजल योजना/पंप हाउस का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने दोनों गांवों में पानी की टंकियों में लीकेज पाया, जिस पर उन्होंने तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए।
रावली मेहदूद के निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने पानी के टैंक में लीकेज पर नाराजगी व्यक्त की और जल निगम के अधिकारियों को तुरंत इसकी मरम्मत करने का आदेश दिया। उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ एक बैठक भी की ताकि मरम्मत कार्य की तारीख तय की जा सके। इससे ग्रामीणों को पहले से ही पेयजल का इंतज़ाम करने का समय मिल सके।
इसके अलावा, जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति के लिए सरकार द्वारा निर्धारित अंशदान के बारे में पूरी जानकारी देने के निर्देश दिए, ताकि अंशदान जमा करने को लेकर उनके मन में कोई संशय न रहे।
लापरवाही पर सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने जल निगम के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए कि ग्रामीणों को सुबह और शाम, दोनों समय पर पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जाए ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि पानी की सप्लाई में किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जमालपुर कलां में भी लीकेज, ठेकेदार पर कार्रवाई के निर्देश
जमालपुर कलां में भी निरीक्षण के दौरान पानी की टंकी में लीकेज पाया गया। जिलाधिकारी ने इसकी भी तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए। निरीक्षण के समय उन्होंने देखा कि पंप हाउस परिसर में ठेकेदार का ट्रैक्टर और ट्रॉली जैसी सामग्री रखी हुई थी, जिसके लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी और न ही किराया दिया जा रहा था। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और जल निगम के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिया कि ठेकेदार से सर्कल रेट के अनुसार किराया वसूला जाए और ऐसा न करने पर उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए।
योजना और कनेक्शनों की जानकारी
जल निगम के अधिशासी अभियंता राजेश गुप्ता ने जिलाधिकारी को बताया कि रावली मेहदूद में जल जीवन मिशन के तहत ₹12 करोड़ की लागत से योजना का निर्माण किया गया है, जिससे 4900 कनेक्शन दिए गए हैं। इस वाटर टैंक की क्षमता 1950 किलोलीटर है। इसी तरह, जमालपुर कलां में ₹10 करोड़ की लागत से बनी योजना से 5500 कनेक्शन दिए गए हैं और इसकी क्षमता 1400 किलोलीटर है।
इस निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता एम. मुस्तफा, सहायक अभियंता भूपेंद्र सिंह, अवर अभियंता वर्षा सिंह और सीमा बिष्ट सहित अन्य अधिकारी और ग्रामीण मौजूद थे।


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