नई दिल्ली,03 फरवरी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किराए पर सोर्स पर टैक्स कटौती (टीडीएस) की वार्षिक सीमा 2.40 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख रुपये कर दी. वित्त मंत्री ने कहा कि इससे टीडीएस के दायरे में आने वाले लेन-देन की संख्या कम हो जाएगी, जिससे छोटे करदाताओं को लाभ होगा. लेकिन असल में ये छोटे करदाता कौन हैं जिन्हें लाभ मिलेगा?
ये उन सभी लोगों को प्रभावित करता है जो किराया देते हैं और टीडीएस के अधीन हैं. चाहे वह घर का किराया हो या ऑफिस, दुकानों या अन्य संपत्तियों का किराया. किराए पर सलाना टीडीएस सीमा को 2.40 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख रुपये करने से कम मूल्य के किराये के लेन-देन में टीडीएस कटौती की आवश्यकता कम होगी. यह मुख्य रूप से उन मकान मालिकों (विशेष रूप से छोटे मकान मालिकों) को लाभान्वित करता है, जिन्हें प्रति वर्ष 6 लाख रुपये से कम किराया मिलता है, क्योंकि किरायेदार अब उस किराए पर टीडीएस नहीं काटेंगे. यह कम किराया देने वाले किरायेदारों को भी लाभान्वित करेगा क्योंकि उन्हें टीडीएस काटने और जमा करने से जुड़े अतिरिक्त कागजी कार्रवाई या अनुपालन कामों को नहीं संभालना पड़ेगा. अगर वार्षिक किराया 6 लाख रुपये से कम है, तो किराए पर टीडीएस अब लागू नहीं होगा.
इसका मतलब यह है कि जहां किराएदारों को दिए जाने वाले किराए पर 20,000 रुपये प्रति माह की दर से टीडीएस काटा जाना था, वहीं अब यह सीमा बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दी गई है.
मकान, ऑफिस और दुकानों को किराये पर देकर करते हैं कमाई तो अब आपको होगा फायदा
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