

हल्द्वानी। कुमाऊँ परिक्षेत्र में आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी में पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती निवेदिता कुकरेती ने कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की व्यापक समीक्षा करते हुए पुलिसिंग की गुणवत्ता बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में SSP नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी, SSP ऊधमसिंहनगर श्री अजय गणपति, SSP अल्मोड़ा श्री चन्द्रशेखर घोडके, SP पिथौरागढ़ श्री अक्षण प्रहलाद कोंडे, SP चम्पावत श्रीमती रेखा यादव और SP बागेश्वर श्री जितेन्द्र मेहरा उपस्थित रहे। आईजी ने लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण, जवाबदेही बढ़ाने और तकनीक-आधारित कार्यप्रणाली अपनाने पर जोर दिया।
नवीन आपराधिक संहिताओं और ICJS की समीक्षा करते हुए 60/90 दिन की समयसीमा में आरोप पत्र/अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने, e‑Sakshya के अधिकतम उपयोग, Zero FIR और e‑Summon की प्रगति पर जनपदवार स्थिति जानी गई। आईजी ने स्पष्ट किया कि प्रावधानों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित हो और तकनीकी साधनों का प्रभावी उपयोग किया जाए। साथ ही IIF‑08, 09, 10, Secure Malkhana Portal और CCTNS के माध्यम से डेली क्राइम रिपोर्टिंग की गुणवत्ता की समीक्षा की गई। NCRP, MRM, GRM, Samanvaya, CIAR, e‑Zero FIR, Hotspot Analysis, CSEAM और Cyber Slavery से जुड़े मामलों में पेंडेंसी घटाने और साइबर हॉटस्पॉट की पहचान कर निरोधात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
1 जनवरी से 31 जुलाई 2026 के बीच परिक्षेत्र की उपलब्धियों पर चर्चा में बताया गया कि NDPS अधिनियम के अंतर्गत 382 अभियोग दर्ज कर 519 आरोपित गिरफ्तार किए गए, जिनमें वाणिज्यिक मात्रा से जुड़े 32 मामलों में 55 गिरफ्तारियां शामिल हैं। 381 NDPS मामलों का निस्तारण हुआ और बड़ी मात्रा में चरस, स्मैक/हेरोइन, गांजा, अफीम, डोडा, नशीली गोलियां/कैप्सूल और इंजेक्शन बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 25.66 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई। आईजी ने सप्लाई चेन की पहचान कर वित्तीय जांच और गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।

गंभीर अपराधों के अनावरण में परिक्षेत्र का प्रदर्शन सुदृढ़ रहा। लूट, डकैती, हत्या, बलात्कार, वाहन लूट, चैन स्नैचिंग, महिला व्यपहरण और दहेज हत्या जैसे मामलों में उच्च प्रतिशत में अनावरण दर्ज हुआ। आईजी ने शेष अनावरण हेतु लंबित मामलों पर वरिष्ठ अधिकारियों के व्यक्तिगत पर्यवेक्षण और शीघ्र परिणाम सुनिश्चित करने पर बल दिया। गुमशुदा व्यक्तियों की बरामदगी में भी उल्लेखनीय सफलता मिली, विशेषकर नाबालिगों से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई और परिजनों से सतत समन्वय के निर्देश दिए गए।
जन शिकायतों के संदर्भ में 1,048 में से 905 शिकायतों का निस्तारण दर्ज किया गया। CM हेल्पलाइन पर 100 दिनों से अधिक लंबित शिकायतों की जनपदवार समीक्षा कर समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया। CCTNS पर IIF फॉर्म्स और e‑Beat व्यवस्था को और प्रभावी बनाने, थानों में लंबित वाहनों के निस्तारण और जांच प्रकोष्ठ से जुड़े प्रपत्रों के त्वरित निपटारे पर जोर दिया गया। आईजी कुमाऊँ ने कहा कि अपराध नियंत्रण, लंबित विवेचनाओं/शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण, नई संहिताओं का प्रभावी क्रियान्वयन और तकनीकी पोर्टलों का 100% उपयोग—कुमाऊँ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं, ताकि जनता को त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण पुलिस सेवाएं मिल सकें।

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