देहरादून, 01 मार्च, 2025 (सू.वि.) – मा. मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन का प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा अब एक सशक्त सकारात्मक बदलाव का प्रतीक बन चुका है। यह पहल अनाथ, असहाय और निर्धन बेटियों की शिक्षा को नई दिशा देने के लिए एक महत्त्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
आज जिला प्रशासन ने तीन अनाथ बेटियों की पढ़ाई के लिए 97,955 रुपये की धनराशि का चेक वितरित किया। जिलाधिकारी सविन बंसल ने इस अवसर पर कहा, “हमारी बेटियां, जो कठिनाइयों का सामना करके भी आगे बढ़ने की चाह रखती हैं, वास्तव में हमारे लिए पूजनीय हैं। अस्मित कौर, त्रिशा कण्डारी और खुशबू जैसे नामों ने यह सिद्ध कर दिया है कि शिक्षा ही एक सशक्त भविष्य की कुंजी है।”

जिला प्रशासन की नंदा-सुनंदा योजना के अंतर्गत अब तक 11 बालिकाओं को आर्थिक सहायता मिल चुकी है, और इस माह 20 और बेटियों के चयन की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। जिलाधिकारी बंसल ने कहा, “यहाँ तक पहुँचने का सफर आसान नहीं था, परंतु हम असहाय बेटियों को समाज में समान अवसर देने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।”
उन्होंने सभी फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता दर्शन, बहुउद्देशीय शिविर और क्षेत्र भ्रमण के दौरान ऐसी बेटियों को खोज निकालें और उन्हें इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनाएं। ये सभी बेटियां नंदा और सुनंदा का प्रतीक हैं، जिन्होंने अपने अदम्य साहस एवं शिक्षा की जिज्ञासा से हम सब को प्रेरित किया है।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने भी इस परियोजना की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना बेटियों का भविष्य संवारने के लिए एक वरदान साबित हो रही है।
जिलाधिकारी सविन बंसल का यह प्रयास निश्चित रूप से उन बेटियों के लिए एक बड़ी उम्मीद और प्रेरणा बना है जो कठिन परिस्थितियों का सामना कर रही हैं। उनके नेतृत्व में, जिला प्रशासन ने न केवल शिक्षा में, बल्कि महिलाओं के सशक्तीकरण में भी एक नई मिसाल कायम की है।
यह नंदा-सुनंदा योजना न केवल वार्षिक पहल के रूप में है, बल्कि यह प्रत्येक हफ्ते एक नई नंदा-सुनंदा बेटी को सशक्त करने का संकल्प भी लेती है। हमें विश्वास है कि इस दिशा में चलने से हमारे समाज की संरचना में एक सकारात्मक बदलाव आएगा।
यँहा पढ़िए प्रोजेक्ट नंदा सुनंदा की एसओपी




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