द्विपक्षीय सम्बंधों के मुख्य बिंदु
द्विपक्षीय सम्बंध और उच्च स्तरीय बातचीत
शीर्ष नेताओं के बीच नियमित उच्च स्तरीय बातचीत।
कतर के अमीर हिज़ हाईनेस शेख तमीम बिन हमद अल थानी 24-25 मार्च 2015 को भारत की राजकीय यात्रा पर आए।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 4-5 जून 2016 को दोहा की आधिकारिक यात्रा की।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 14-15 फरवरी 2024 को दोहा की आधिकारिक यात्रा की।
प्रधानमंत्री मोदी और अमीर हिज़ हाईनेस शेख तमीम ने 01 दिसंबर 2023 को दुबई में कॉप-28 शिखर सम्मेलन के इतर और 23 सितंबर 2019 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर मुलाकात की।
उपराष्ट्रपति श्री एम वेंकैया नायडू ने 4-7 जून 2022 को दोहा का दौरा किया; उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने 20-21 नवंबर 2022 को दोहा का दौरा किया और कतर में फीफा विश्व कप 2022 के उद्घाटन समारोह में भाग लिया।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री हिज़ एक्सीलेंसी शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी के साथ 2024 में कई बार बातचीत की, जिसमें दिसंबर 2024 में दोहा में और जून 2024 में और सितंबर 2024 में कतर की अध्यक्षता में रियाद में आयोजित भारत-जीसीसी विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान बातचीत शामिल है।
विदेश राज्य मंत्री श्री कीर्ति वर्धन सिंह ने 1-4 अक्टूबर 2024 तक दोहा का दौरा किया और तीसरे एशिया सहयोग वार्ता शिखर सम्मेलन और दूसरे एसीडी व्यापार फोरम में भाग लिया।
रेल, संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने 26-27 फरवरी 2024 को दोहा का दौरा किया और कतर के संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, परिवहन मंत्री और क्यूसीबी के गवर्नर और क्यूआईए के अध्यक्ष से मुलाकात की। श्री वैष्णव ने वेब समिट कतर 2024 में एक सत्र को भी संबोधित किया।
ऊर्जा मामलों के राज्य मंत्री और कतर ऊर्जा एलएनजी के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी साद बिन शेरिदा अल काबी ने 11-12 फरवरी 2025 को भारत का दौरा किया और भारत ऊर्जा सप्ताह 2025 में भाग लिया। उन्होंने भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात की।
विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ अहमद बिन मोहम्मद अल सईद ने 2-3 दिसंबर, 2024 को भारत का दौरा किया और सीआईआई भागीदारी शिखर सम्मेलन में भाग लिया।
ऊर्जा मामलों के राज्य मंत्री और कतर एनर्जी के एलएनजी के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी साद बिन शेरिदा अल काबी ने 6-8 फरवरी, 2024 को भारत का दौरा किया। इस यात्रा के दौरान, कतर एनर्जी और पेट्रोनेट एलएनजी ने 2028 से शुरू होकर अगले 20 वर्षों के लिए कतर से भारत को 7.5 एमएमटीपीए एलएनजी की आपूर्ति के लिए एलएनजी बिक्री और खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए।
द्विपक्षीय राजनयिक सम्बंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ 2023 में मनाई गई।

व्यापार और निवेश
वित्त वर्ष 2023-24 में द्विपक्षीय व्यापार 14.08 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
भारत कतर से आयात करता है: एलएनजी, एलपीजी, रसायन और पेट्रोकेमिकल्स, प्लास्टिक और एल्युमीनियम का सामान आदि।
भारत कतर को निर्यात करता है: अनाज, तांबा, लोहा और इस्पात, सब्जियां, फल, मसाले और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद, बिजली और अन्य मशीनरी, प्लास्टिक उत्पाद, निर्माण सामग्री, कपड़ा और परिधान, रसायन, कीमती पत्थर और रबर आदि।
भारत में कतर का निवेश: डीपीआईआईटी के अनुसार, वर्तमान एफडीआई 1.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक है। निवेश दूरसंचार, खुदरा, शिक्षा, स्वास्थ्य, आईटी, बिजली, किफायती आवास आदि सहित विभिन्न क्षेत्रों में हैं।
आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार कतर निवेश प्राधिकरण द्वारा हाल ही में किए गए कुछ प्रमुख निवेश और घोषणाएं इस प्रकार हैं:
o रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (आरआरवीएल) में 1 बिलियन अमरीकी डॉलर
(अगस्त 2023)
o इंडोस्पेस लॉजिस्टिक्स पार्क्स IV (आईएलपी IV) में 393 मिलियन अमरीकी डॉलर
(सितंबर 2023 में ग्रोसवेनर प्रॉपर्टी के सहयोग से)
o ग्लोबल डेंटल सर्विसेज में 50 मिलियन अमरीकी डॉलर (नवंबर 2023)
o श्रीराम हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड में 140 मिलियन अमरीकी डॉलर (जनवरी
2025)
o 2021 में, क्यूआईए ने अन्य निवेशकों के साथ वर्से इनोवेशन में 100 मिलियन
अमरीकी डॉलर, रेबेल फूड्स प्राइवेट लिमिटेड में 175 मिलियन अमरीकी डॉलर
और स्विगीज में 800 मिलियन अमरीकी डॉलर का निवेश किया।
o अदानी ट्रांसमिशन लिमिटेड की एक इकाई में 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर
450 मिलियन अमरीकी डॉलर (फरवरी 2020)
कतर में भारतीय निवेश: इन्वेस्ट कतर के अनुसार भारतीय कंपनियों ने 2017-2025 के दौरान 356 मिलियन अमरीकी डॉलर का निवेश किया है; कतर में प्रमुख भारतीय कंपनियां: लार्सन एंड टुब्रो, वोल्टास, शापूरजी पल्लोनजी, विप्रो, टीसीएस, टेक महिंद्रा और लूलू।
अप्रैल 2005 में हवाई सेवाओं समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। दोहा भारतीय यात्रियों के लिए एक प्रमुख यात्री केंद्र के रूप में उभरा। दोहा और बारह से अधिक भारतीय शहरों के बीच 200 से अधिक साप्ताहिक उड़ानें।
ऊर्जा भागीदारी
भारत के लिए एलएनजी और एलपीजी का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता (वित्त वर्ष 2023-24 में 10.91 एमएमटी एलएनजी और 4.92 एमएमटी एलपीजी आयात) जो (भारत के लगभग 46 प्रतिशत एलएनजी और एलपीजी आयात का 26 प्रतिशत) है।
1999 में, तत्कालीन कतरगैस और पेट्रोनेट एलएनजी ने 2028 तक भारत को 7.5 एमएमटीपीए एलएनजी की आपूर्ति के लिए एलएनजी बिक्री और खरीद समझौते के लिए एक दीर्घकालिक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए।
6 फरवरी 2024 को कतर के ऊर्जा मामलें एलएनजी के राज्य मंत्री साद बिन शेरिदा अल काबी की भारत यात्रा के दौरान, कतरएनर्जी और पेट्रोनेटएलएनजी के बीच एक नए सौदे पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे यह समझौता 2048 तक बढ़ गया है, जिसका कुल मूल्य लगभग 78 बिलियन अमेरिकी डॉलर होने का अनुमान है।
दिसंबर 2024 में, गेल ने अगले 5 वर्षों में 60 कार्गो की खरीद के लिए कतर एनर्जी के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए
हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एचपीएल) और कतर एनर्जी ने दो मिलियन टन नेफ्था की आपूर्ति के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
सांस्कृतिक सम्बंध और प्रवासी भारतीय
ऐतिहासिक रूप से लोगों से लोगों के बीच मजबूत सम्बंध।
8 लाख 30 हजार से अधिक मजबूत और जोशपूर्ण भारतीय समुदाय; कतर में सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय।
बड़ी संख्या में ब्लू-कॉलर श्रमिकों के अलावा चिकित्सा, इंजीनियरिंग, शिक्षा, वित्त, बैंकिंग, व्यवसाय और मीडिया सहित व्यवसायों में लगे हुए हैं।
2019 में भारत-कतर संस्कृति वर्ष के रूप में मनाया गया।
फीफा 2022 और एशियाई फुटबॉल चैम्पियनशिप 2023 में भारतीय प्रवासियों द्वारा उत्साहपूर्वक भागीदारी ने कार्यक्रमों की सफलता को और अधिक रंगीन और जीवंत बना दिया।
कतर में 19 भारतीय स्कूल और एक भारतीय विश्वविद्यालय शैक्षणिक सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
प्रत्येक साल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2024 के कार्यक्रम में 3000 से अधिक लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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