राष्ट्रमंडल खेल 2030 की मेजबानी के लिए बोली लगाएगा भारत, भारतीय ओलंपिक संघ ने दी मंजूरी

नईदिल्ली,13 अगस्त। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने बुधवार को नई दिल्ली में हुई विशेष आम बैठक में राष्ट्रमंडल खेलों 2030 की मेजबानी के लिए देश की बोली को औपचारिक मंजूरी दे दी। भारत पहले ही अहमदाबाद को मेजबान शहर प्रस्तावित करते हुए रुचि-प्रस्ताव जमा कर चुका है। अब 31 अगस्त की अंतिम तारीख तक देश को अपनी अंतिम बोली पेश करनी होगी। अगर मंजूरी मिलती है तो यह भारत के लिए एक बड़ा खेल आयोजन साबित होगा।
कनाडा के दौड़ से हटने के बाद भारत के राष्ट्रमंडल खेलों 2030 की मेजबानी पाने की संभावना बढ़ गई है। हाल ही में राष्ट्रमंडल खेलों के गेम्स डायरेक्टर डैरेन हॉल के नेतृत्व में एक टीम अहमदाबाद पहुंची थी, जहां उन्होंने प्रस्तावित स्थलों का निरीक्षण किया और गुजरात सरकार के अधिकारियों से मुलाकात की थी। इस महीने के अंत में राष्ट्रमंडल खेलों का एक बड़ा दल फिर से अहमदाबाद आ सकता है, जो मेजबानी की संभावनाओं को और मजबूत करेगा।
आईओए ने औपचारिक रूप अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) को एक आशय पत्र भेजा था, जिसमें 2036 में ओलंपिक और पैरालिंपिक खेलों की मेजबानी के लिए भारत की रुचि व्यक्त की गई थी। इस मामले से जुड़े सूत्र ने बताया था, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2036 में भारत में ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी करने के सपने ने एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया है। इससे देश को फायदा पहुंच सकता है।
भारत ने 19वें राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी 2010 में की थी। देश की राजधानी नई दिल्ली में इन वैश्विक खेलों का आयोजन हुआ था। अपने घर पर खेलते हुए भारत ने उन खेलों में कुल 101 पदक जीते थे, जिनमें 38 स्वर्ण पदक शामिल थे। ऑस्ट्रेलिया के बाद भारत पदक तालिका में दूसरे स्थान पर रहा था। एशिया में भारत के अलावा सिर्फ मलेशिया ऐसा देश है, जिसने राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की है।
भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में 564 पदक जीते हैं। इस बीच कुश्ती (114) और भारोत्तोलन (133) भारत की ताकत रही है। वहीं भारत ने निशानेबाजी में 70, मुक्केबाजी में 44 और एथलेटिक्स में 46 पदक जीते हैं। भारत ने बैडमिंटन में अपनी पदक संख्या बढ़ाकर 31 कर ली है, उसके बाद टेबल टेनिस (28) का स्थान है। साथ ही भारत के पास महिला क्रिकेट (रजत) और तैराकी (कांस्य) में एक-एक पदक हैं।

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