देहरादून । ग्राफिक एरा में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में दुनिया भर के वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों ने सतत् विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में रसायन विज्ञान की बढ़ती प्रासंगिकता, नवीन शोध और व्यावहारिक समाधानों पर व्यापक चर्चा की।
ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में आज सतत् विकास लक्ष्यों में रसायन विज्ञान की भूमिका पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हो गया है। मुख्य अतिथि के रूप में देहरादून ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स के डायरेक्ट डा. सौरभ तिवारी ने कहा कि सतत् विकास की बातें केवल किताबों में नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें हमारे रोजमर्रा के जीवन में अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि रसायन विज्ञान धरती का मूल है और भविष्य की सुरक्षित राह दिखता है। यह हर जगह मौजूद है, जिस हवा को हम सांस में लेते हैं, उससे लेकर उद्योगों में इसके उपयोग तक। डा. तिवारी ने कहा कि धरती के प्राकृतिक संसाधन तेजी से कम हो रहे हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए इन्हें बचाने के लिए अभी से काम करना बेहद जरूरी है। उन्होंने ग्रीन टेक्नोलॉजी, अपशिष्ट प्रबंधन और ऊर्जा बचत पर जोर दिया।
ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के प्रो चांसलर डा. राकेश कुमार शर्मा ने कहा कि रसायन विज्ञान बहुत महत्वपूर्ण है। इसमें दो तरह का असर होता है-एक ओर यह प्रदूषण और संसाधनों की कमी जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है और वहीं दूसरी ओर यही विज्ञान धरती को बचाने और संसाधनों को फिर से बेहतर बनाने का रास्ता भी दिखाता है। उन्होंने कहा कि आज एक्यूआई में गिरावट, मिट्टी का खराब होना, पानी का प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों की कमी जैसी कई समस्याएं सामने हैं। ऐसे में युवाओं को जिज्ञासु होकर नए समाधान ढूंढने चाहिए, ताकि वे अपने भविष्य को बेहतर बना सकें।
अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में छह तकनीकी सत्र होंगे, जिनमें जिम्मेदार रासायनिक नवाचार, पर्यावरण अनुकूल तरीके और समाज को सतत् समाधान देने में रसायन विज्ञान की भूमिका पर सरल और व्यावहारिक चर्चा की जाएगी। देश-विदेश की 50 से अधिक विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिक, शोधकर्ता और विशेषज्ञ अपने शोध-पत्र, सार और समाधान प्रस्तुत करेंगे।
अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के केमिस्ट्री डिपार्टमेंट ने किया। सम्मेलन में कुलसचिव डा. नरेश कुमार शर्मा, केमिस्ट्री डिपार्टमेंट की हेड डा. अभिलाषा मिश्रा, डा. वसीम अहमद, डा. हरीश चंद्र जोशी समेत अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और विशेषज्ञ ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डा. रेखा गोस्वामी ने किया।
ग्राफिक एरा में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनसुरक्षित भविष्य की राह दिखाता है रसायन विज्ञान
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