देहरादून। उत्तराखण्ड भाषा संस्थान, देहरादून द्वारा आयोजित “युवा कलमकार प्रतियोगिता–2025” में पिथौरागढ़ निवासी युवा साहित्यकार जय प्रकाश पांडेय ने कविता विधा (आयु वर्ग 26–35) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने प्रदेश स्तर पर अपनी सशक्त साहित्यिक उपस्थिति दर्ज कराई है।
राज्यस्तरीय इस प्रतियोगिता में कहानी, कविता एवं यात्रा-वृत्तांत सहित विभिन्न विधाओं में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं। गहन एवं बहुस्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया के पश्चात जय प्रकाश पांडेय की कविता “धराली – पहाड़ का आख़िरी ख़त” को निर्णायक मंडल द्वारा सर्वश्रेष्ठ कृति के रूप में चयनित किया गया। यह कविता पहाड़, प्रकृति और बदलते सामाजिक यथार्थ की संवेदनशील अभिव्यक्ति के कारण विशेष रूप से सराही गई।
देहरादून स्थित आईआरडीटी सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में जय प्रकाश पांडेय को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, मंत्री खजान दास, प्रख्यात लेखक डॉ. जितेन ठाकुर तथा सचिव भाषा उमेश नारायण पांडेय की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए साहित्यकारों, शिक्षाविदों एवं युवा रचनाकारों ने सहभागिता की।
पांडेय को इससे पूर्व अपने चर्चित कहानी संग्रह “भूले बिसरे मतवाले” के माध्यम से भी साहित्यिक जगत में अपनी पहचान स्थापित कर चुके हैं। जिसका विमोचन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया गया था। वे निरंतर पत्र-पत्रिकाओं एवं सोशल मीडिया मंचों पर सक्रिय रहते हुए समसामयिक विषयों पर लेखन करते हैं। उनके लेखन में सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय सरोकारों की स्पष्ट झलक दिखाई देती है।
इस उपलब्धि पर पिथौरागढ़ सहित प्रदेशभर में हर्ष का वातावरण है। विभिन्न साहित्यिक एवं सामाजिक संगठनों ने पांडेय को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

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