जल जीवन मिशन के ठेकेदारों को नहीं मिला पैसा, अंधेरे में मनाई ठेकेदार और मजदूरों ने दिवाली।

बिलखते और चिल्लाते रहे बच्चे, पिता ने नहीं खिलाई मिठाई और ना ही दिलाए पटाखे।

देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने बुलाई आपात बैठक मजदूर और ठेकेदारों को दिलाई दिलासा।

देहरादून।  देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने आज चंदननगर स्थित अपने मुख्यालय में एक बैठक का आयोजन किया इस बैठक में जल जीवन मिशन से जुड़े हुए सभी ठेकेदारों एवं काम करने वाले मजदूरों ने भाग लिया। बैठक में जल जीवन मिशन से जुड़े हुए सभी ठेकेदार और मजदूरों ने अपनी व्यथा बताई और संगठन के अध्यक्ष अमित अग्रवाल को बताया कि भारत देश का सबसे बड़ा पर्व दिवाली हैं जिसमें सरकार अपने कर्मचारियों को बोनस इत्यादि सुविधाएँ प्रदान करती हैं, परन्तु हमने क्या गुनाह किया हैं कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ड्रीम प्रोजेक्ट जल जीवन मिशन के ठेकेदारों को जल जीवन मिशन के काम 90% पूर्ण करने के बावजूद भी कोई भुगतान दिवाली पर नहीं किया गया। ठेकेदार और मजदूरों ने 24 घंटे एक करके तय समय के भीतर अपनी मेहनत और मजदूरों के सहयोग से सभी जगह पानी की व्यवस्था कराई और सरकार के दिए गए लक्ष्य को प्राप्त किया। परंतु नही प्रशासनिक अधिकारियों और ना ही कोई नेताओं ने इस पर गौर किया और जल जीवन मिशन से जुड़े हुए सभी ठेकेदार को पेमेंट रोक दी गई।

ठेकेदारों को पेमेंट ना मिल पाने से मजदूर एवं जल जीवन से मिशन से जुड़े हुए सभी काम करने वाले लोगों को भुगतान नहीं किया गया एवं यह दिवाली सभी लोगों के लिए बड़ी ही कष्टकारी रही जिसमें मजदूरों ने अपने घर में ना ही दीप जला पाए और ना ही अपने बच्चों को मिठाई और पटाखे दिला पाएं।

देवभूमि जल शक्ति कॉन्टैक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखंड के ७०% गावों में ठेकेदारों द्वारा पानी पहुँचाया जा चुका हैं , और बची हुई योजनाएं ९५% से ९८% पूर्ण हैं जबकि ठेकेदारों को बताया गया कि शीघ्र कार्य पूर्ण करें , दीपावली पर लिमिट आते ही भुगतान कर दिया जाएगा । भुगतान की आशा में बैठे ठेकेदारों को दर किनार कर दिया गया , ऐसी स्थिति में ठेकेदारों के साथ उनकी लेबर , सप्लायर , किसी के घर दीपावली पर्व नहीं मना और ठेकेदार लम्बे समय से झेल रहे मानसिक उत्पीड़न और आर्थिक तंगी में आ चुके हैं। उन्होंने कहा बैंक का ब्याज , लेबर भुगतान हेतु कर्ज़ों की सीमा पार कर चुके हैं । ऐसी स्थिति में हमारे घर दीपावली कैसे मनेगी जब इतने जुड़े हुए लोगों के घर में अंधेरा है? हमारा सवाल बस सरकार से यही है कि हमने ऐसा क्या गुनाह किया जो भुगतान रोक दिया गया है?

बैठक में देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित अग्रवाल, उपाध्यक्ष सचिन मित्तल, सचिव सुनील गुप्ता एवं अन्य सदस्य और कर्मचारी मौजूद रहे।

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