

देहरादून। उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में पार्टी ने नई प्रदेश कार्यसमिति का गठन करते हुए कुल 178 नेताओं को अलग-अलग दायित्वों में शामिल किया है। नई कार्यसमिति में अनुभवी नेताओं के साथ युवा चेहरों को भी स्थान दिया गया है। पार्टी का उद्देश्य संगठन को प्रदेशभर में और अधिक सक्रिय तथा चुनावी दृष्टि से मजबूत बनाना बताया जा रहा है।
नई व्यवस्था के तहत प्रदेश कार्यसमिति को तीन प्रमुख श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें 32 नेताओं को विशेष आमंत्रित सदस्य, 121 नेताओं को प्रदेश कार्यसमिति सदस्य और 25 नेताओं को स्थायी आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। विशेष आमंत्रित सदस्यों की सूची में प्रदेश के 10 जिलों को प्रतिनिधित्व मिला है, हालांकि पौड़ी और चंपावत जिले से इस श्रेणी में किसी नेता को जगह नहीं दी गई है।
प्रदेश कार्यसमिति सदस्यों की सूची सबसे बड़ी है। इसमें कुल 121 नेताओं को शामिल किया गया है और पार्टी ने इस श्रेणी में प्रदेश के सभी 13 जिलों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है। क्षेत्रीय संतुलन के साथ तैयार की गई इस सूची को संगठन के विस्तार और जिला स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वहीं, 25 नेताओं को स्थायी आमंत्रित सदस्य के तौर पर कार्यसमिति में स्थान दिया गया है। इस श्रेणी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश सरकार के मंत्री, भाजपा के सांसद और विधायक सहित पार्टी तथा सरकार से जुड़े प्रमुख जनप्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। इसके जरिए संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया है।
भाजपा की नई प्रदेश कार्यसमिति को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व की कोशिश है कि प्रदेश से लेकर जिला स्तर तक संगठनात्मक गतिविधियों को गति दी जाए और कार्यकर्ताओं को चुनावी अभियान के लिए सक्रिय किया जाए। अनुभवी नेताओं और नए चेहरों के संयोजन के साथ तैयार की गई कार्यसमिति के माध्यम से पार्टी अपने संगठनात्मक आधार को मजबूत करने और चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा पैदा करने की दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।
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