

ATS, BDS, STF और SDRF रहेंगी 24×7 मुस्तैद, ड्रोन-CCTV से निगरानी, साइबर कमांडो रखेंगे सोशल मीडिया पर नजर
देहरादून। श्रावण कांवड़ मेला-2026 के सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ की अध्यक्षता में पुलिस मुख्यालय में उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी व रुद्रप्रयाग के अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से भाग लिया। डीजीपी ने कांवड़ियों की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और कानून-व्यवस्था को पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए समय रहते तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए।
भीड़-भाड़ वाले संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल व महिला पुलिसकर्मियों की पर्याप्त तैनाती के साथ ATS, BDS, STF और अभिसूचना इकाइयों को प्रमुख स्थलों पर सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए। रैपिड रिस्पॉन्स टीम और स्नान घाटों पर गोताखोर व SDRF की टीमें भी तैनात रहेंगी।
यातायात मार्ग, राजमार्ग, पार्किंग व डायवर्जन की विस्तृत योजना बनाकर उत्तराखंड सहित यूपी, हरियाणा, दिल्ली में फ्लैक्स, होर्डिंग व सोशल मीडिया के जरिये प्रचार करने, भारी वाहनों के डायवर्जन, अस्थायी चौकियां व मोबाइल पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने को कहा गया। पूरे मेला क्षेत्र व रेलवे परिक्षेत्र को सुपर जोन, जोन व सेक्टरों में बांटा जाएगा। सभी प्रमुख स्थलों पर CCTV व ड्रोन से 24×7 निगरानी होगी, पार्किंग स्थलों का फायर सेफ्टी ऑडिट पहले ही पूरा कराने के निर्देश दिए गए।

डीजीपी ने कांवड़ के तय आकार का पालन करने, ट्रेन की छत पर यात्रा न करने का प्रचार करने तथा डीजे-लाउडस्पीकर के लिए सुप्रीम कोर्ट की तय डेसीबल सीमा की नियमित चेकिंग के निर्देश दिए। सोशल मीडिया सेल यातायात, मौसम व सुरक्षा संबंधी सूचनाएं सीमावर्ती राज्यों की पुलिस को टैग कर साझा करेगी और भ्रामक अफवाहों का तुरंत खंडन करेगी। साइबर कमांडो की विशेष टीम हरिद्वार में कैंप कर साइबर स्पेस पर निगरानी रखेगी।
सीमावर्ती राज्यों के साथ नियमित समन्वय बैठकें व इंटेलिजेंस साझा करने के साथ ड्यूटीरत पुलिसकर्मियों के लिए आवास, भोजन व विश्राम की समुचित व्यवस्था के निर्देश भी दिए गए। डीजीपी ने कहा कि श्रद्धालुओं से सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित हो तथा सौहार्द बिगाड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने भरोसा जताया कि पुलिस पूर्ण समर्पण से कार्य कर मेले को सफलतापूर्वक संपन्न कराएगी।
बैठक में एडीजी वी. मुरूगेशन, ए.पी. अंशुमान, आईजी विम्मी सचदेवा, कृष्ण कुमार वी.के., नीलेश आनन्द भरणे, सुनील कुमार मीणा, योगेन्द्र सिंह रावत, बरिन्दरजीत सिंह, डीआईजी धीरेन्द्र गुंज्याल, एसएसपी अजय सिंह और एसपी मणीकान्त मिश्रा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


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