गणतंत्र पर्व पर बोले : एकजुट रहें, सुरक्षित रहें
देहरादून। उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष करन माहरा ने आज देहरादून स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर माहरा ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे संविधान, लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों का प्रतीक है, जो हमें देश की एकता, अखंडता और सामाजिक न्याय के मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने इसे एक ऐसा दिन बताया, जो भारत की गौरवशाली विरासत को जीवंत करता है और भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक मजबूत राष्ट्र का ढांचा तैयार करता है।
माहरा ने आगे कहा कि आज जनता को कांग्रेस पार्टी से बहुत अपेक्षाएं हैं, क्योंकि कांग्रेस ने हमेशा आम आदमी को केंद्र में रखकर विकास की योजनाएं बनाई हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों का उद्देश्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाना रहा है, और देश की आजादी से लेकर आज तक कांग्रेस ने देश की एकता, अखंडता और सम्प्रभुता के लिए अनेक बलिदान दिए हैं। उन्होंने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के मार्गदर्शन में कांग्रेस के स्वर्णिम इतिहास और नीतियों को आगे बढ़ाने का काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को समाज के सभी सम्प्रदायों को सद्भाव प्रदान करने वाली पार्टी के रूप में जाना जाता है, और हमें समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलते हुए पिछड़े से पिछड़े क्षेत्र, दुर्गम से दुर्गम क्षेत्र में अल्पसंख्यकों, दलितों, किसानों और महिलाओं को कांग्रेस सरकारों द्वारा किए गए उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का काम करना है।

उन्होंने कहा कि देश के सीमाओं पर प्रहरी के रूप में काम कर रहे सैनिकों और उन महान शहीदों के बलिदान, तथा देश की आजादी की लड़ाई में भाग लेने वाले सैनिकों और स्वतंत्रता सैनानियों के सपनों को पूरा करने का काम भी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को करना है। माहरा ने आज देश के सामने कई चुनौतियां होने का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने इन चुनौतियों और कठिनाइयों को स्वीकार करते हुए देश को आगे बढ़ाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने धैर्य और संयम को बनाए रखा है, जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि इन तमाम कठिनाइयों में भी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को इस नए परिवेश में अपनी भूमिका को तलाशना ही नहीं, बल्कि तराशना भी है। कार्यकर्ताओं को संविधान की मर्यादा, कांग्रेस के संविधान और अपनी परंपराओं का मर्यादापूर्वक पालन करते हुए समाज के विकास में जुड़ना होगा। चाहे कितनी ही कठिनाइयां आएं, हमें अपने धर्मनिरपेक्ष भारत के रथ को सामाजिक सौहार्द बनाते हुए आगे बढ़ाते रहना है।
माहरा ने कहा कि एक तरफ कांग्रेस के पास गौरवशाली इतिहास है, जिसमें देश को आजाद कराने और आजादी के बाद एक मजबूत राष्ट्र के रूप में खड़ा करने और विकास के अनेक आयाम स्थापित करने की उपलब्धियां हैं, वहीं दूसरी ओर वर्तमान में प्रदेश और देश की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी देश को तोड़ने, जनता को गुमराह करने, साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और कमजोर और दलित वर्ग पर लगातार अत्याचार करने का काम कर रही है। उन्होंने इस अवसर पर उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को नमन करते हुए कहा कि आज के दिन हम सभी का कर्तव्य है कि राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान को याद करें। उन्होंने कहा कि उन्हीं के बलिदान से हमें अलग राज्य की पहचान मिली है, और कांग्रेस पार्टी सदैव संविधान, लोकतंत्र और उत्तराखण्ड की अस्मिता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी राज्य की जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष करती रहेगी।
इस कार्यक्रम में महामंत्री राजेन्द्र शाह, नवीन जोशी, सेवादल की चीफ हेमा पुरोहित, अभिनव थापर, बिरेन्द्र पोखरियाल, पूरन रावत, महेंद्र सिंह नेगी गुरु जी, प्रभुलाल बहुगुणा, प्रवक्ता सुजाता पॉल, डॉ. प्रतिमा सिंह, शीशपाल सिंह बिष्ट, पंकज क्षेत्री, मदन लाल, अमरजीत सिंह, ताहिर अली, सुलेमान अली, शिवानी मिश्रा, नजमा खान, मनीष नागपाल, मधुसूधन सुन्दिरियाल, जगदीश धीमान, दर्शन लाल, देवेन्द्र सिंह, राजकुमार जयसवाल, अवघेश पंत, नवीन रमोला, ललित भद्री, राकेश नेगी, उर्मिला थापा, गोपाल गडिया, सी. पी. सिंह, पिया थापा, नवनीत सती, सावित्रि थापा, मनमोहन सिंह, आदर्श सूद, हेमन्त उप्रेती, विशाल मौर्य, अनिल बस्नेत, सूरज क्षेत्री, गुल मुहम्मद और मंजू जैसे नेता उपस्थित थे।

यह कार्यक्रम कांग्रेस के देशभक्ति और राज्य आंदोलन की यादों को जीवंत करने का एक प्रतीक था, जो भारतीय लोकतंत्र की गहराई को उजागर करता है।

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