

रुद्रपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उत्तराखंड प्रवास के दौरान भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए अपने दौरे के राजनीतिक उद्देश्य को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि उनका उत्तराखंड आना पर्यटन से जुड़ा नहीं है, बल्कि वह प्रदेश की जनता, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और संगठन के बीच संवाद स्थापित करने तथा पार्टी को मजबूत करने के लिए यहां पहुंचे हैं।
खड़गे ने राजनीतिक शिष्टाचार और वरिष्ठ नेताओं के सम्मान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कांग्रेस की परंपरा हमेशा विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं का सम्मान करने की रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी विपक्ष में रहते हुए कर्नाटक आते थे, तब कांग्रेस के नेता उनके सम्मान और आवश्यक व्यवस्थाओं का पूरा ध्यान रखते थे। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विचारधाराओं और मतभेदों के बावजूद वरिष्ठ नेताओं के प्रति सम्मान बनाए रखना लोकतांत्रिक और राजनीतिक मर्यादा का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री की ओर से उनके उत्तराखंड दौरे को लेकर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनसे यह सवाल किया जा रहा है कि वह उत्तराखंड क्यों आए हैं और क्या उनका उद्देश्य पर्यटन है। खड़गे ने इसका जवाब अपने अंदाज में देते हुए कहा कि वह देश और दुनिया के कई हिस्सों का दौरा कर चुके हैं और उत्तराखंड पर्यटन के लिए नहीं आए हैं।
उन्होंने कहा, “मैं अपने लोगों के लिए आया हूं, अपनी जनता के लिए आया हूं, छात्रों के लिए आया हूं, कांग्रेस पार्टी को जिंदा रखने के लिए आया हूं और भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए आया हूं।”
खड़गे के इस बयान को प्रदेश की आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। उनके संबोधन में कांग्रेस संगठन को मजबूती देने, जनता से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक अभियान के केंद्र में रखने और कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर प्रदेश में बदलाव के लिए काम करने का संदेश दिया गया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं से जनहित से जुड़े मुद्दों पर सक्रियता के साथ संघर्ष करने और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आपसी एकजुटता के साथ जनता के बीच जाकर पार्टी की नीतियों और मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने पर जोर दिया।

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