

देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव लक्की राणा ने उत्तर प्रदेश के मेरठ में दलित युवती ललिता गौतम की हत्या की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस घटना पर गहरा दुख और आक्रोश जताते हुए कहा कि यह प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
लक्की राणा ने कहा कि इससे भी अधिक दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि जब लोग ललिता गौतम को न्याय दिलाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे थे, तो उन पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे द्वारा प्रदर्शनकारियों के साथ हाथापाई और अभद्र व्यवहार के वीडियो सामने आए हैं जो बेहद चिंताजनक हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा और योगी सरकार में दलित, गरीब और वंचित समाज खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। अपराधियों पर कार्रवाई करने के बजाय न्याय मांग रहे लोगों पर पुलिसिया ताकत का इस्तेमाल सरकार की संवेदनहीनता और दमनकारी मानसिकता को दिखाता है।
लक्की राणा ने कहा कि जिस पुलिस अधिकारी का काम कानून का राज स्थापित करना और जनता की सुरक्षा करना है, अगर वही न्याय मांग रहे लोगों पर बल प्रयोग करे तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर विषय है। एसएसपी अविनाश पांडे का रवैया निष्पक्ष पुलिस अधिकारी जैसा नहीं लगता। ऐसी कार्यशैली से जनता का पुलिस प्रशासन पर से भरोसा कमजोर होता है।
उन्होंने भाजपा सरकार से सवाल किया कि आखिर दलित बेटी ललिता गौतम के हत्यारों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय न्याय मांग रहे लोगों पर लाठियां क्यों बरसाई गईं। लोकतंत्र में आवाज उठाना अपराध नहीं है, लेकिन भाजपा सरकार हर विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
लक्की राणा ने मांग की कि ललिता गौतम हत्याकांड की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए और दोषियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कड़ी सजा दी जाए। साथ ही मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे को तत्काल पद से हटाकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जांच में आरोप सही पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो वह जल्द ही महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे के खिलाफ कठोर कार्रवाई और उन्हें पद से हटाने की मांग करेंगे।

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