देहरादून / विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) श्री मुरुगेशन की निकम्मी कार्यशैली और लापरवाही के चलते उत्तराखंड माफियाओं व अवैध कारोबारियों का गढ़ बनता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज जनता बदमाशों से कम और पुलिसिया आतंक से ज्यादा भयभीत है।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए नेगी ने कहा कि प्रदेश के अधिकांश जिलों में पुलिस द्वारा लूट–खसोट की घटनाएँ बढ़ गई हैं। लोग पुलिस की कार्यप्रणाली से इतने त्रस्त हो चुके हैं कि आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी एसी कमरों में बैठकर केवल “ऑफिस की शोभा” बढ़ा रहे हैं। दिन-दहाड़े अपराधी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि पुलिस पर शीर्ष नेतृत्व का कोई नियंत्रण नहीं रहा।
उन्होंने हाल ही में एक किसान आत्महत्या प्रकरण में निलंबित दरोगा की एसीआर लीक होने की घटना का उल्लेख करते हुए पूछा कि गोपनीय दस्तावेज सोशल मीडिया पर वायरल होने का जिम्मेदार कौन है? यह प्रशासनिक विफलता का जीता-जागता उदाहरण है। नेगी ने कहा कि एडीजी को समय-समय पर जनता से सीधा संवाद करना चाहिए, ताकि आमजन सुरक्षित महसूस कर सके, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो रहा।
मोर्चा अध्यक्ष ने आगे कहा कि प्रदेश में खुलेआम जानलेवा चाइनीज मांझा बिक रहा है और नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है, मगर पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। कई ईमानदार व कर्मठ अधिकारी अच्छा काम कर रहे हैं, पर उन्हें प्रोत्साहन देने वाला कोई नहीं।
नेगी ने तंज कसते हुए कहा कि श्री मुरुगेशन को “एडीजी, लॉ एंड ऑर्डर” के बजाय “एडीजी, वीआईपी ट्रीटमेंट” कहा जाना चाहिए। मोर्चा शीघ्र ही सरकार से मिलकर ऐसे गैर-जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करेगा।
पत्रकार वार्ता में हाजी असद और प्रवीण शर्मा पिन्नी भी उपस्थित रहे।

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