सर्वे डिस्पेंसरी के विलय पर झूठ का पर्दाफाश, पेंशनर्स एसोसिएशन ने जताया रोष

देहरादून। दून केंद्रीय पेंशनर्स एसोसिएशन ने हाथीबड़कला स्थित सर्वे डिस्पेंसरी के दून सीजीएचएस (केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना) में विलय के मुद्दे पर सर्वे प्रशासन की असलियत उजागर कर दी है। श्रम आयुक्त, उत्तराखंड, हल्द्वानी के कार्यालय से सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी ने यह साबित कर दिया है कि फैक्ट्री एक्ट का हवाला देकर डिस्पेंसरी के विलय का विरोध महज़ मिथ्या दलील थी।

एसोसिएशन के अनुसार, RTI से यह स्पष्ट हुआ है कि “उत्तरी मुद्रण वर्ग” सर्वे ऑफ इंडिया, हाथीबड़कल, देहरादून परिसर हेतु उपनिदेशक कारखाना द्वारा  लाइसेंस 01 जनवरी 1971 से जारी तो हुआ था, लेकिन यह लाइसेंस 31 दिसंबर 2018 को समाप्त हो चुका है। इसके बावजूद सर्वे अधिकारी लगातार दावा करते रहे कि फैक्ट्री एक्ट की वजह से डिस्पेंसरी का दून सीजीएचएस में विलय संभव नहीं है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने जानबूझकर सरकार को गुमराह कर इस प्रक्रिया में अवरोध उत्पन्न किया, जिससे 66 हजार से अधिक लाभार्थियों, विशेषकर बुजुर्ग पेंशनरों के हितों पर कुठाराघात हुआ है।

कोर कमेटी की बैठक में पारित प्रस्ताव में एसोसिएशन ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और सर्वे डिस्पेंसरी का दून सीजीएचएस में शीघ्र विलय सुनिश्चित करने की अपील की है। एसोसिएशन ने इसे पेंशनर्स के हितों की अनदेखी बताते हुए कड़ी निंदा और तीव्र रोष व्यक्त किया है।

इस प्रकरण पर दून केंद्रीय पेंशनर्स एसोसिएशन के महासचिव एस.एस. चौहान ने बताया कि प्रशासनिक बैठकों में सर्वे अधिकारियों के फैक्ट्री एक्ट संबंधी बयान कार्यवाही में दर्ज हैं, लेकिन जब आरटीआई के जरिए जानकारी मांगी गई तो या तो जानकारी दी ही नहीं गई या भ्रामक उत्तर देकर मामले को टालने की कोशिश की गई। सच्चाई सामने लाने के लिए ही श्रम आयुक्त, उत्तराखंड से सूचना प्राप्त करनी पड़ी।

एसोसिएशन ने मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव एवं महानिदेशक श्रीमती रोली सिंह (IAS), भारत के महासर्वेक्षक श्री हितेश कुमार एस. मकवाना (IAS), निदेशक सीजीएचएस डॉ. सतीश वाई.एच. और दून सीजीएचएस जोनल इंचार्ज डॉ. अश्वनी कुमार सेन्यारे को प्रमाणों सहित विशेष प्रतिवेदन भेजे हैं।

कोर कमेटी की बैठक में दून केंद्रीय पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र सेमवाल, संरक्षक एन.एन. बलूनी, संयोजक बी.एस. नेगी, उपाध्यक्ष आई.एस. पुंडीर, महासचिव एस.एस. चौहान, संयुक्त सचिव अशोक शंकर और कोषाध्यक्ष अनिल उनियाल मौजूद रहे।

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