पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू के साथ हुआ लिटरेचर फेस्टिवल का आगाज़

अल्मोड़ा। ग्रीन हिल्स ट्रस्ट की ओर से आयोजित अल्मोड़ा लिटरेचर फेस्टिवल के तीसरे चरण की शुरुआत पारंपरिक व्यंजन प्रतियोगिता से हुई। इस प्रतियोगिता में महिलाओं को कुमाऊनी परंपरागत व्यंजन और एक रचनात्मक व्यंजन घर से बनाकर लाने थे। आयोजकों ने प्रतिभागियों से आग्रह किया था कि वे अपनी आमा की रेसिपी और उनके स्वाद को संजोते हुए परंपरागत पाक कला को पुनर्जीवित करें। प्रतियोगिता में 25 टीमों ने भाग लिया और स्वाद का अद्भुत जादू बिखेरा। प्रतिभागियों ने भटिया, भट का जौला, मास का चैस, सुंदर कला, रस-भात जैसे पारंपरिक पकवानों के साथ ही केले के कटलेट, भट के कटलेट और सोयाबीन का हलवा जैसी रचनात्मक डिशेज भी प्रस्तुत कीं। निर्णायक मंडल में मीरा जोशी, प्रो. इला साह और परवीन हामिद शामिल रहीं। कार्यक्रम का आयोजन शिखर होटल के सभागार में होटल शिखर एवं रेस्टोरेंट के सौजन्य से हुआ। प्रतियोगिता की गरिमा मुख्य अतिथि लज्जा पंत तथा विशिष्ट अतिथि विनीता लखचौरा, लता बोरा, अंजलि शर्मा, शोभा जोशी और डॉ. दुर्गापाल की उपस्थिति से और बढ़ गई। प्रतियोगिता के परिणाम अल्मोड़ा लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान 10 से 12 अक्टूबर को मल्ला महल (पुराना कलेक्ट्रेट) में घोषित किए जाएंगे। विजयी टीमों को ‘किचन क्वीन’, ‘मास्टर शेफ गृहलक्ष्मी’ और ‘थाली की रानी’ का खिताब दिया जाएगा, जबकि सभी प्रतिभागियों को ‘स्वाद संगिनी’ की उपाधि से नवाजा जाएगा। विजेताओं को होटल शिखर की ओर से पारितोषिक भी प्रदान किए जाएंगे। इस अवसर पर डॉ. वसुधा पंत, दीपा गुप्ता, विनायक पंत और मीनाक्षी पाठक सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments