देहरादून: मध्य-पूर्व एशिया के संकट के चलते प्राकृतिक गैस आपूर्ति में आ रहे व्यवधान के बीच, जिला प्रशासन देहरादून ने नियमों का उल्लंघन करने वाली गैस एजेंसियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी द्वारा जारी ‘प्राकृतिक गैस आपूर्ति विनियम आदेश, 2026’ और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देशों की अनदेखी करने पर मैसर्स हीरा गैस सर्विस (नया गांव पेलियो) के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही करते हुए मुकदमा दर्ज किया गया है।
उल्लेखनीय है कि गैस शिपमेंट में बाधा के कारण उत्पन्न स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने 14 मार्च को आदेश जारी किया था कि कोई भी गैस एजेंसी अपने गोदाम या परिसर से सीधे गैस वितरण नहीं करेगी। यह निर्णय एजेंसियों पर उमड़ रही भारी भीड़ और उससे बिगड़ती शांति व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए लिया गया था। सभी एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश थे कि वे उपभोक्ताओं को केवल ‘होम डिलीवरी’ के माध्यम से ही गैस उपलब्ध कराएं।
15 मार्च को सूचना मिली कि हीरा गैस सर्विस द्वारा आदेशों का उल्लंघन करते हुए गोदाम में ट्रक के माध्यम से सीधे गैस बांटी जा रही है, जिससे मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। सूचना मिलते ही उप जिलाधिकारी (विकासनगर) विनोद कुमार, तहसीलदार विवेक राजौरी और जिला पूर्ति निरीक्षकों की संयुक्त टीम ने मौके पर छापेमारी की। जांच में पाया गया कि एजेंसी संचालकों ने होम डिलीवरी के बजाय गोदाम से वितरण कर सरकारी आदेशों की अवहेलना की है।
जिलाधिकारी के आदेशों के उल्लंघन और कानून-व्यवस्था को खतरे में डालने के आरोप में संबंधित गैस एजेंसी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत थाना पटेलनगर में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए एजेंसी में उपलब्ध सभी सिलेंडरों को जिला पूर्ति कार्यालय और तेल कंपनियों के अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया है। अब इन सिलेंडरों को नियमानुसार उपभोक्ताओं के घर-घर (होम डिलीवरी) पहुंचाया जाएगा।
जिला प्रशासन ने जनपद की सभी गैस एजेंसियों को कड़ी चेतावनी दी है कि वे केवल होम डिलीवरी सुनिश्चित करें। यदि किसी भी अन्य एजेंसी द्वारा नियमों का उल्लंघन कर भीड़ एकत्रित की गई या गोदाम से वितरण किया गया, तो उनके विरुद्ध भी इसी प्रकार की कठोर विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

Recent Comments